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भवनमालिकों में मचा हड़कंप, निगम ने खंगाला रिकॉर्ड

Fri, 09 Mar 2018 11:37 PM IST
Updated Fri, 09 Mar 2018 11:37 PM IST
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भवनमालिकों में मचा हड़कंप, निगम ने खंगाला रिकॉर्ड
भवनमालिकों में मचा हड़कंप, निगम ने खंगाला रिकॉर्ड
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न्यू शिमला पहुंची नगर निगम की टीम
खंगाल रही एक-एक भवन का रिकॉर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे भवनमालिकों में हड़कंप मच गया है। अमर उजाला के खुलासे के बाद नगर निगम की टीम अब न्यू शिमला इलाके में घर-घर जाकर भवनमालिकों के रिकॉर्ड चेक कर रही है। अब तक सौ से ज्यादा भवनों का रिकॉर्ड जांचा जा चुका है। इसमें आधे से ज्यादा भवनों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाने की बात सामने आ रही है। नगर निगम ने इसकी लिस्ट तैयार कर दी है। इसे मुख्य सचिव को सौंपा जाना है। उधर, शुक्रवार को नगर निगम के आर्किटेक्ट प्लानर डीके नाग की अगुवाई में न्यू शिमला पहुंची टीम ने दर्जनों भवनों का रिकॉर्ड चेक किया। इसमें उन भवनों का भी रिकॉर्ड चेक किया गया, जिनमें व्यावसायिक गतिविधियां चलाने का खुलासा अमर उजाला ने किया था। कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन हो, इसके लिए हर घर में जाकर भवनमालिक से रिकॉर्ड मांगा जा रहा है। इसमें भवन के नक्शे, चेंज ऑफ लैंड यूज आदि के रिकॉर्ड चेक किए जा रहे हैं।

शहर भर में मचा हड़कंप
निगम की इस छापामारी से शहरभर के भवनमालिक सहम गए हैं। कोर्ट के आदेशों के तहत अकेले न्यू शिमला में नगर निगम रिकॉर्ड चेक कर रही है। लेकिन, बाकी वार्डों के भवन मालिक भी अब सकते में आ गए हैं। शहर भर में हजारों भवन ऐसे हैं, जहां बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। बिना अनुमति दुकानें, ढाबे, दफ्तर चलाने वाले भवनमालिकों का बिजली और पानी काटा जा सकता है। यह कार्रवाई लिस्ट तैयार होने के बाद की जानी है। इसके लिए बाकायदा पहले निगम भवन मालिकों को नोटिस दे सकता है।
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निगम में स्टाफ की कमी
भवन मालिकों का रिकॉर्ड चेक करने के लिए निगम में फील्ड स्टाफ की कमी है। एपी ब्रांच से दो कनिष्ठ अभियंताओं का तबादला होने के बाद काम का बोझ काफी बढ़ गया है। फील्ड में जाने के लिए कर्मचारी कम होने से भवनों की जांच में लंबा समय लग सकता है।
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