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अब बेकार नहीं बहेगा 15 हजार लोगों के हिस्से का पानी
Updated Sun, 24 Dec 2017 10:41 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। रोजाना करीब 15 हजार शहर वासियों के हिस्से का पानी अब बेकार नहीं बहेगा। नगर निगम जल्द ही संजौली से रिज मैदान तक की पाइपलाइन में होने वाली लीकेज को पूरी तरह से खत्म करने जा रहा है।
इसके लिए 22 सौ मीटर लंबी इस पाइपलाइन को बदला जा रहा है। योजना पर करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई पाइपलाइन लगने के बाद शहरवासियों को दो एमएलडी तक अतिरिक्त पानी मिल सकेगा। इससे काफी हद तक पानी की कमी दूर हो सकेगी। दशकों पुरानी इस पाइपलाइन की हालत अब बेहद खस्ता हो चुकी है। दर्जनों बार मरम्मत करने के बावजूद आईजीएमसी के पास नाले में लीकेज बंद नहीं हो पा रही। लोहे की पाइप इतनी पुरानी है कि अब इसमें मरम्मत भी संभव नहीं हो पा रही। यहां रोजाना करीब दो एमएलडी तक पानी बेकार बह जाता है। इसके अलावा बाकी जगहों पर भी इस लाइन से लीकेज की शिकायतें आती रही हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम इस पूरी लाइन को ही बदलने जा रहा है। इसका काम भी शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि नए साल में निगम लीकेज खत्म कर शहरवासियों को ज्यादा पानी की सप्लाई दे सकेगा।
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ऐसे बेकार हो रहा हजारों के हिस्से का पानी
नगर निगम के अनुसार एक व्यक्ति के लिए प्रतिदिन करीब 130 लीटर पानी की जरूरत निर्धारित है। ऐसे में दो एमएलडी पानी यानि 20 लाख लीटर पानी का इस्तेमाल 15,384 लोग कर सकते हैं, लेकिन यह नाले में इस तरह बेकार बह रहा है कि इसका दोबारा इस्तेमाल भी संभव नहीं है। अधिशासी अभियंता राजेश कश्यप के अनुसार पाइपलाइन को बदला जा रहा है। काम पूरा होते ही शहर केा ज्यादा पानी की सप्लाई मिलना शुरू हो जाएगी। पानी बेकार नहीं बहेगा।
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कोटी बरांडी पाइपलाइन बदलने का काम लटका
करीब चार एमएलडी पानी की क्षमता वाली कोटी बरांडी पेयजल परियोजना के तहत पाइपलाइन बदलने के काम में देरी हो सकती है। पंथाघाटी के पास सड़क किनारे बिछने वाली इस लाइन का काम अभी शुरू नहीं हो पा रहा है। यहां करीब 800 मीटर लाइन बदलने का काम बचा हुआ है। नगर निगम तभी यह काम शुरू कर पाएगा जब यातायात बंद करने की अनुमति मिल सकेगी। निगम ने जिला प्रशासन को ट्रैफिक बंद करने के लिए आवेदन भी किया है। लेकिन अभी अनुमति नहीं मिली है। अभी इस परियोजना से दो एमएलडी से भी कम पानी मिल रहा है। पाइपलाइन बदलने के बाद यह सप्लाई दोगुनी हो जाएगी।
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शिमला। रोजाना करीब 15 हजार शहर वासियों के हिस्से का पानी अब बेकार नहीं बहेगा। नगर निगम जल्द ही संजौली से रिज मैदान तक की पाइपलाइन में होने वाली लीकेज को पूरी तरह से खत्म करने जा रहा है।
इसके लिए 22 सौ मीटर लंबी इस पाइपलाइन को बदला जा रहा है। योजना पर करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई पाइपलाइन लगने के बाद शहरवासियों को दो एमएलडी तक अतिरिक्त पानी मिल सकेगा। इससे काफी हद तक पानी की कमी दूर हो सकेगी। दशकों पुरानी इस पाइपलाइन की हालत अब बेहद खस्ता हो चुकी है। दर्जनों बार मरम्मत करने के बावजूद आईजीएमसी के पास नाले में लीकेज बंद नहीं हो पा रही। लोहे की पाइप इतनी पुरानी है कि अब इसमें मरम्मत भी संभव नहीं हो पा रही। यहां रोजाना करीब दो एमएलडी तक पानी बेकार बह जाता है। इसके अलावा बाकी जगहों पर भी इस लाइन से लीकेज की शिकायतें आती रही हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम इस पूरी लाइन को ही बदलने जा रहा है। इसका काम भी शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि नए साल में निगम लीकेज खत्म कर शहरवासियों को ज्यादा पानी की सप्लाई दे सकेगा।
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ऐसे बेकार हो रहा हजारों के हिस्से का पानी
नगर निगम के अनुसार एक व्यक्ति के लिए प्रतिदिन करीब 130 लीटर पानी की जरूरत निर्धारित है। ऐसे में दो एमएलडी पानी यानि 20 लाख लीटर पानी का इस्तेमाल 15,384 लोग कर सकते हैं, लेकिन यह नाले में इस तरह बेकार बह रहा है कि इसका दोबारा इस्तेमाल भी संभव नहीं है। अधिशासी अभियंता राजेश कश्यप के अनुसार पाइपलाइन को बदला जा रहा है। काम पूरा होते ही शहर केा ज्यादा पानी की सप्लाई मिलना शुरू हो जाएगी। पानी बेकार नहीं बहेगा।
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कोटी बरांडी पाइपलाइन बदलने का काम लटका
करीब चार एमएलडी पानी की क्षमता वाली कोटी बरांडी पेयजल परियोजना के तहत पाइपलाइन बदलने के काम में देरी हो सकती है। पंथाघाटी के पास सड़क किनारे बिछने वाली इस लाइन का काम अभी शुरू नहीं हो पा रहा है। यहां करीब 800 मीटर लाइन बदलने का काम बचा हुआ है। नगर निगम तभी यह काम शुरू कर पाएगा जब यातायात बंद करने की अनुमति मिल सकेगी। निगम ने जिला प्रशासन को ट्रैफिक बंद करने के लिए आवेदन भी किया है। लेकिन अभी अनुमति नहीं मिली है। अभी इस परियोजना से दो एमएलडी से भी कम पानी मिल रहा है। पाइपलाइन बदलने के बाद यह सप्लाई दोगुनी हो जाएगी।