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एनजीटी का फैसला छात्रों पर पड़ रहा भारी : एसएफआई
Updated Thu, 14 Dec 2017 10:38 PM IST
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शिमला। एनजीटी का फैसला आने के बाद राजधानी में स्थित विश्वविद्यालय और कॉलेजों तथा निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले से मकान मालिकों की ओर से वसूले जा रहे मनमर्जी के किराए के साथ ही अब छात्रों को सस्ते और उनकी पहुंच में मकान मिलना मुश्किल हो गया है। चूंकि, अनिश्चितकाल के लिए इस फैसले के आने के बाद नए निर्माण पर रोक लग गई। ऐसे में छात्रों को मजबूरन एक-एक कमरे के सेट का तीन से चार हजार किराया देने पर भी मजबूर होना पड़ रहा है। छात्र संगठन एसएफआई ने छात्रों को पेश आ रही इस समस्या को उठाया है। संगठन की विवि इकाई के अध्यक्ष जीवन और सचिव अनिल नेगी ने कहा कि समरहिल से सटे सांगटी क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे छात्रों के किराए में मकान मालिक एक हजार से 1500 तक की बढ़ोतरी कर रहे हैं। एनजीटी का ढाई मंजिल तक निर्माण करने, पैनल्टी लगाने, मकान नियमित करने के फैसलों का सीधा असर इन गरीब और आम छात्रों पर पड़ना शुरू हो गया है। इन छात्र नेताओं ने एनजीटी से मांग उठाई है कि दिए गए फैसले पर दोबारा विचार करे और इसे व्यवहारिक बनाए। उन्होंने प्रशासन से भी मकानों के किरायों को तर्कसंगत बनाए जाने को लेकर विकल्प निकाले जाने की मांग उठाई है। इन नेताओं ने कहा कि एसएफआई आम छात्रों की इस समस्या को लेकर आने वाले समय में आम लोगों को साथ लेकर आंदोलन भी कर सकती है।
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