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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   300 years old Banasar Fort is present in Solan, Himachal , favorite place of tourists

Himachal: सोलन में मौजूद है 300 साल पुराना बनासर किला, पर्यटकों की है पसंदीदा जगह, जानें रोचक इतिहास

Mon, 19 Sep 2022 01:45 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: Krishan Singh Updated Mon, 19 Sep 2022 01:45 PM IST
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सार
सोलन में 1815 ईसवी में बना किला आज भी मौजूद है। 300 साल बाद भी किला पहले की तरह खड़ा है। हालांकि इसकी दीवारों से कुछ पत्थर गिर चुके हैं।
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300 years old Banasar Fort is present in Solan, Himachal , favorite place of tourists
बनासर किला - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में 1815 ईसवी में बना किला आज भी मौजूद है। 300 साल बाद भी किला पहले की तरह खड़ा है। हालांकि इसकी दीवारों से कुछ पत्थर गिर चुके हैं। लेकिन किले को बाहर से देखने से यह पहले की तरह लगता है।  कुमारहट्टी-नाहन नेशनल हाईवे पर जोहड़जी से लगभग 15 किलोमीटर दूर देवदार के जंगलों के बीच बनासर किला बना है। किला अब रखरखाव के अभाव में अपना अस्तित्व खोने के कगार पर हैं। इस किले का निर्माण गोरखा सेनापति अमर सिंह थापा ने 1806 से 1815 ईसवी के मध्य करवाया था। राजा द्वारा किले को बनवाने का एक विशेष मकसद था। किले का निर्माण हरियाणा की ओर से आने वाली अंग्रेजों की सेनाओं पर नजर रखने के लिए किया गया था।



किले को गोरखा केसल के नाम से भी जाना जाता है। किले का आकार शतरंज के हाथी जैसा है। इस किले का निर्माण हरियाणा की ओर से आने वाली शत्रु सेना पर नजर रखने के लिए किया गया था। इसके अंदर एक कुआं भी है। दंतकथाओं के अनुसार कुएं में अभी भी एक सांप रहता है। ऐसे में उसमें कोई जाने की हिम्मत नहीं करता। यहां पर हर साल कई पर्यटक किले को देखने के लिए पहुंचते हैं। बनासर किले से परवाणू, कालका, पिंजौर, कसौली व डगशाई का सुंदर दृष्य दिखाई देता है। यह किला टिंबर ट्रेल रिजॉर्ट से मात्र तीन किलोमीटर दूर है। किले से एक किलोमीटर दूर करालघाट का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। 2008 में वन विभाग ने इस किले के रख-रखाव के लिए योजना तैयार की थी जो अब तक शुरू नही हो सकी है। इसी अवधी में गोरखा सेनापति ने धारों की धार, जोहड़जी, मलोण व सुबाथू किले का निर्माण भी किया था पर अब सभी किले रखरखाव के अभाव में अपना अस्तित्व खोने की कगार पर हैं।

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