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Shimla News: वन मंजूरी से लटके सड़क और पार्किंग के 28 काम
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मेयर ने सौंपी मंत्रालय को सौंपी सूची
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय जाकर मांगी मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में वन मंजूरी के कारण लटके 28 निर्माण कार्याें का मामला महापौर सुरेंद्र चौहान ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के समक्ष उठाया है। चंडीगढ़ पहुंचे महापौर शुक्रवार को अधिकारियों से मिले और इन कार्यों की सूची सौंपी।
उन्होंने कहा कि वन मंजूरी न मिलने के कारण यह कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। इससे जनता परेशान है। महापौर के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि कामनादेवी और चक्कर सड़क की मंजूरी दे दी है। बाकी कामों के मामले अभी वन विभाग के शिमला कार्यालय में लंबित हैं। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि इन मामलों को जल्द मंजूरी दी जाए ताकि जनता को राहत दी जा सके। वन मंजूरी के कारण सड़क, पार्किंग, रास्ते आदि बनाने के मामले लंबित हैं। वनभूमि पर होने वाले निर्माण के लिए एफसीए के तहत मंजूरी लेना जरूरी है। इसका विस्तृत प्रस्ताव शिमला वन मुख्यालय के जरिये केंद्र को भेजा जाता है। अब यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रहती है।
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केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय जाकर मांगी मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में वन मंजूरी के कारण लटके 28 निर्माण कार्याें का मामला महापौर सुरेंद्र चौहान ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के समक्ष उठाया है। चंडीगढ़ पहुंचे महापौर शुक्रवार को अधिकारियों से मिले और इन कार्यों की सूची सौंपी।
उन्होंने कहा कि वन मंजूरी न मिलने के कारण यह कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। इससे जनता परेशान है। महापौर के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि कामनादेवी और चक्कर सड़क की मंजूरी दे दी है। बाकी कामों के मामले अभी वन विभाग के शिमला कार्यालय में लंबित हैं। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि इन मामलों को जल्द मंजूरी दी जाए ताकि जनता को राहत दी जा सके। वन मंजूरी के कारण सड़क, पार्किंग, रास्ते आदि बनाने के मामले लंबित हैं। वनभूमि पर होने वाले निर्माण के लिए एफसीए के तहत मंजूरी लेना जरूरी है। इसका विस्तृत प्रस्ताव शिमला वन मुख्यालय के जरिये केंद्र को भेजा जाता है। अब यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रहती है।
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