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मुख्यमंत्री का नाम लेकर NRI के साथ कर डाली 23 करोड़ रुपये की ठगी

Thu, 06 Jul 2017 08:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Thu, 06 Jul 2017 08:47 AM IST
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23 Crore rupee fraud with NRI on the name of land

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला उठाने वाले पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के बेटे अरुण धूमल ने एक और सनसनीखेज मामला उठाया है। उन्होंने सोलन के कंडाघाट में साढ़े तीन करोड़ की जमीन का धोखे से 23 करोड़ में सौदा करने का आरोप लगाया है। बुधवार को हमीरपुर में पत्रकार वार्ता में अरुण धूमल ने कहा कि कंडाघाट में मेडिकल कॉलेज खोलने के नाम पर एक एनआरआई से करोड़ों की ठगी की गई है।

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आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति के खिलाफ फरीदाबाद थाना में केस दर्ज हुआ है, उसने शिकायतकर्ता को मुख्यमंत्री के साथ अच्छे संबंधों का हवाला दिया है। हालांकि, यह मामला वर्ष 2015 का है। कहा कि फ्लोरिडा के रहने वाले सुरेंद्र सिंह बेदी ने धोखाधड़ी के मामले की सोलन और फरीदाबाद पुलिस में शिकायत करनी चाही, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते दोनों जगह केस दर्ज नहीं किया गया।
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इसके बाद उसने कोर्ट में अर्जी देकर वर्ष 2016 में मामला दर्ज करवाया। फ्लोरिडा के एनआरआई से हुई धोखाधड़ी में जिस जमीन का सौदा 3.5 करोड़ में हो चुका था, उस जमीन को धारा 118 के अंतर्गत अनुमति दिलाने के बदले और मुख्यमंत्री से संबंधों के नाते इस एनआरआई को 23 करोड़ का बताकर धोखा दिया गया। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी की संलिप्तता इसमें स्पष्ट है।

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सीबीआई से जांच की मांग

23 Crore rupee fraud with NRI on the name of land

अरुण धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार उजागर होने पर भी कुर्सी से चिपके हैं। कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व खुद भ्रष्टाचार में डूबे होने के कारण मौन है। दिल्ली उच्च न्यायालय के हाल ही में आए आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि उन पर भ्रष्टाचार के आरोप सही हैं।

न्यायालय ने जांच एजेंसियों को गिरफ्तार करने की खुली छूट दी है। अरुण ने कहा कि कुछ दिन पहले सीबीआई ने प्रदेश के एक अधिकारी पर भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी की एफआईआर दर्ज की है। इसमें स्पष्ट है कि रिश्वत का वो पैसा मुख्यमंत्री के ओएसडी रघुवंशी को दिया जाना था।

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