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Water Sports: 2000 मीटर में पंजाब, महाराष्ट्र पुलिस की टीम को पहला स्थान
Fri, 03 Mar 2023 08:12 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, अंदरौली (ऊना)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंदरौली (ऊना)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 03 Mar 2023 08:12 PM IST
सार
2000 मीटर की फाइनल प्रतिस्पर्धा में महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने 7:35:450 मिनट का समय लेकर प्रथम स्थान झटका। जबकि भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीम ने दूसरा और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया।
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दमखम दिखाती महिला टीम।
- फोटो : संवाद
विस्तार
कुटलैहड़ क्षेत्र के अंदरौली में गोबिंद सागर झील में चल रही 22वीं अखिल भारतीय पुलिस जल क्रीड़ा प्रतियोगिता में शुक्रवार को रोइंग के 2000 मीटर श्रेणी की फाइनल प्रतिस्पर्धाएं हुईं। कॉक्सलेस युगल (पुरुष) 2000 मीटर वर्ग में पंजाब पुलिस की टीम ने 8:11:920 मिनट का समय लेकर इस प्रतिस्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टीम ने दूसरा स्थान और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया।
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कॉक्सलेस चार पुरूष 2000 मीटर की फाइनल प्रतिस्पर्धा में महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने 7:35:450 मिनट का समय लेकर प्रथम स्थान झटका। जबकि भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीम ने दूसरा और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। कॉक्सलेस युगल महिला 2000 मीटर की फाइनल प्रतिस्पर्धा में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीम ने 8:58:550 मिनट का समय लेकर पहला स्थान हासिल किया। जबकि सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की टीम ने दूसरा और पंजाब पुलिस की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया।
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एकल स्कल महिला 2000 मीटर की फाइनल प्रतिस्पर्धा में असम राइफल्स की टीम ने 10:04:100 मिनट का समय लेकर पहला स्थान झटक कर खिताब अपने नाम किया। जबकि असम राइफल्स की टीम ने दूसरा और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। डबल्स स्कल पुरुष 2000 मीटर की फाइनल प्रतिस्पर्धा में असम राइफल की टीम ने 7:33:785 मिनट का समय लेकर खिताब झटका। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की टीम ने दूसरा और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया।
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सिंगल स्कल पुरूष 2000 मीटर की फाइनल प्रतिस्पर्धा में राजस्थान पुलिस की टीम ने 7:59:965 मिनट का समय लेकर असम राइफल और पंजाब पुलिस की टीम को पछाड़ा। असम राइफल की टीम ने दूसरा और पंजाब पुलिस की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। कॉक्सलेस फोर महिला 2000 मीटर की फाइनल प्रतिस्पर्धा में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीम ने 7:56:520 मिनट में पहला स्थान झटका।
जबकि असम राइफल्स की टीम ने दूसरा और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा केनोइंग और क्याकिंग की प्रतिस्पर्धाओं में 200, 500 और 1000 मीटर श्रेणी की प्रतियोगिताएं जारी हैं। प्रदेश पुलिस की ओर से 22वीं अखिल भारतीय पुलिस जल क्रीड़ा प्रतियोगिता बीते दो मार्च से शुरू हुई है। यह छह मार्च तक जारी रहेगी। देश की 19 टीमों को 460 खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं।
जल क्रीड़ा का रोमांच देखने के लिए उमड़ रही भीड़
अंदरौली स्थित गोबिंद सागर झील में 22वीं अखिल भारतीय पुलिस जल क्रीड़ा चल रही है। झील में पानी से रोमांच को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर उमड़ रही है। ग्रामीण उत्सुकतावश मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटा रहे हैं कि आखिर क्या आयोजन हो रहा है। युवा आयोजनकर्ताओं से जानकारी जुटा रहे हैं कि गोबिंद सागर झील में क्या चल रहा है। प्रतियोगिता में पहुंचे खिलाड़ी भी युवाओं को वाटर स्पोर्ट्स से जुड़ी पूरी जानकारी दे रहे हैं।
साथ ही में युवाओं को इस खेल में भविष्य की भी जानकारी दे हैं। युवा प्रतिभागियों की बोट को देखकर हैरानी जता रहे हैं कि इतनी पतली बोट में किस तरह नौकायन किया जा रहा है। युवा दिनभर बैठकर इस आयोजन का लुत्फ भी उठा रहे हैं। रमेश कुमार, राकेश कुमार, रविंद्र व अन्य ने कहा कि इस गतिविधि के आयोजन के साथ अंदरौली में आवाजाही बढ़ी है। उनसे भी लोग जानकारी जुटा रहे हैं कि क्या आयोजन हो रहा है।
वहीं, पर्यटन की लिहाज से गोबिंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स संचालक गौरव गर्ग ने बताया कि उन्होंने वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया करवाया है। यहां वाटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं हैं। लोग वीकेंड में पहुंचकर यहां की वादियों और वाटर स्पोर्ट्स का लुत्फ उठाते हैं।
उधर, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि गोबिंद सागर झील में 22वीं अखिल भारतीय पुलिस जल क्रीड़ा वाटर स्पोर्ट्स के लिहाज से एक मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले समय में यह खेल देशभर में अंदरौली को एक नई पहचान देगी। पर्यटक अपनी बोट लेकर यहां पहुंचेंगे। इस आयोजन में हो रही गतिविधियों को ग्रामीण भी उत्सुकता के साथ देख रहे हैं और जानकारी ले रहे हैं।
वाटर स्पोर्ट्स के बढ़ावे के लिए प्रचार जरूरी : ओम प्रकाश
ओलंपियन और राजस्थान पुलिस में बतौर डीएसपी सेवाएं दे रहे ओम प्रकाश ने कहा कि गोबिंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं हैं। वाटर स्पोर्ट्स के लंबे प्रशिक्षण गोबिंद सागर झील में संभव हैं। यहां बिना किसी व्यावधान के कई किलोमीटर लंबी दूरी तय की जा सकती है। पांच से छह किलोमीटर तक आसानी से प्रशिक्षण किया जा सकता है। अंदरौली स्थित गोबिंद सागर झील में चल रही 22वीं अखिल भारतीय पुलिस जल क्रीड़ा स्पर्धा में पहुंचे ओलंपियन ओम प्रकाश ने बताया कि वाटर स्पोर्ट्स में भविष्य अच्छा है, लेकिन खेल को लेकर अधिकतर लोगों में जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स में नए टैलेंट को पूरा मौका मिलता है। बशर्ते मेहनत करनी पड़ती है। यह खेल कड़े अभ्यास वाला है। उन्होंने अंदरौली साइट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह साइट बेहतरीन है और यहां मौसम भी अनुकूल है। ऐसे में प्रशिक्षण समेत गतिविधियों के लिए यह बेहतर रहेगा। वाटर स्पोर्ट्स में मेजबान हिमाचल की अपनी टीम न होने के प्रश्न पर ओम प्रकाश ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से ही सब संभव है। हिमाचल में सब कुछ है।
यहां आसानी से प्रशिक्षण हो सकता है। ऐसे में सरकार के सहयोग से यहां टीम गठित हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यहां की टीम आने वाले समय में मेडल भी जीत सकती है। यहां वाटर स्पोर्ट्स को लेकर हर चीज उपलब्ध है, जो आवश्यक रहता है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करके आगे बढ़ाया जा सकता है। वाटर स्पोर्ट्स को लेकर उन्होंने कहा कि इस खेल का प्रचार होना जरूरी है। लोगों में जानकारी न होने के कारण इस खेल से युवा नहीं जुड़ पाता है।
जबकि यह खेल भी बेहद रोमांचित करने वाला है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया है कि नशे और अन्य गलत कामों को छोड़कर खेलों और पढ़ाई पर फोकस करें। खेलों में आगामी योजना को लेकर ओम प्रकाश ने कहा कि वह एशियन गेम्स 2023 के लिए तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद वह ओलंपिक में भाग लेने के लिए पसीना बहा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेडल लाने के लिए वह दिन रात मेहनत कर रहे हैं।