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बाबा के खिलाफ 22 पंचायतों ने किया एलान, कहा- छोड़ना होगा मंदिर
ब्यूरो/अमर उजाला, कंडाघाट
Updated Sun, 14 May 2017 07:30 PM IST
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हिमाचल में बाबा अमरदेव के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। अब एक साथ 22 पंचायतों के लोग बाबा के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं। वहीं, बार बार बाबा का समर्थन करने वाली वीरभद्र सरकार पर भी जनता का आक्रोश फूटने लगा है। इनका कहना है कि बाबा को मंदिर छोड़ना ही होगा।
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कंडाघाट की ग्राम पंचायत तुंदल स्थित रामलोक मंदिर के (गांव) रूड़ा में मारपीट और अतिक्रमण मामले में ग्राम पंचायत रूड़ा में रविवार को 22 ग्राम पंचायतों का महासम्मलेन हुआ जिसमें उपायुक्त सोलन राकेश कवंर भी मौजूद रहे।
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जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों और सैंकड़ों ग्रामीणों ने बाबा का विरोध किया और बाबा के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग उठाई। इनका कहना था कि मंदिन को सरकार के अधीन किया जाए साथ ही बाबा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाए। लोग इस बात से भी नाराज थे कि सरकार अब भी बाबा के ही समर्थन में कार्य कर रही है।
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गौरतलब है कि पिछले माह 26 अप्रैल को मंदिर के बाबा द्वारा गांव की महिला पर तेजधार हथियार से हमला बोल दिया गया था। इसे लेकर ग्रामीणों और बाबा के बीच घमासान छिड़ हुआ है। महासम्मेलन में उपायुक्त ने ग्रामीणों को शांत किया और कानून को अपने हाथ में न लेने की राय दी।
उन्होंने ग्रामीणों की बात को विस्तार से सुना। उन्होंने सभी को निष्पक्ष जांच के लिए आश्वासन दिया और कहा कि मामले में कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इस मौके पर एसडीएम कंडाघाट नीलम दुल्टा, तहसीलदार संजीत शर्मा, स्टेट प्रेजिडेंट हिमाचल किसान सभा के एस तनवर, हिमाचल किसान सभा के प्रधान प्यारे लाल, मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन रमेश ठाकुर, जिला महामंत्री भाजपा लोकेश्वर शर्मा, मोहन सिंह ठाकुर सहित चुने हुए प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कमेटी का किया गठन
22 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों द्वारा इस संदर्भ में ग्रामीण संघर्ष समिति का गठन किया। इसमें प्रधान जगदीश चंद्र शर्मा को समिति का अध्यक्ष चुना गया। उपप्रधान प्रवीण शर्मा को बनाया गया। इसके अलावा सुनीता रोहाल, सीता ठाकुर, निशा देवी, निशा ठाकुर सहित शामती, क्वारग, दंघील, बसाल, कोट, डांगरी, सिरिनगर, सकोड़ी, बीशा, बाशा, सहित अन्य पंचायत प्रधान व उपप्रधान को समिति का सदस्य चुना गया।