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अब हो सकेंगे एचपीयू छात्रावास मरम्मत को टेंडर
Updated Wed, 20 Dec 2017 10:30 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता हटने के साथ ही अब नए भवन निर्माण और पुराने छात्रावास भवनों की मरम्मत और रखरखाव के बड़े कार्यों के काम को आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। बीस हजार से अधिक के जिन कार्यों को नियमों के तहत टेंडर आवंटित कर करवाया जाना है, अब उनके लिए टेंडर कॉल किए जा सकेंगे। विवि में ऐसे कई छात्रावासों की मरम्मत, बिजली वायरिंग बदलने, टॉयलेट ब्लॉक आदि की रेनोवेशन जैसे हर तरह के कार्य होने हैं। 26 सितंबर को राज्यपाल ने विवि के वाईएस परमार के साथ सभी ब्वॉयज छात्रावासों का औचक निरीक्षण कर रिपेयर और मरम्मत कार्य करवा कर इनकी दशा सुधारने के आदेश दिए थे। राज्यपाल ने विवि के निर्माण विंग के अधिकारियों और विवि प्रशासन को छात्रावासों की दयनीय स्थिति देखकर लताड़ भी लगाई थी। इसके बाद छह अक्तूबर को दोबारा छात्रावासों का निरीक्षण किया था। 26 अक्तूबर को उनका फिर निरीक्षण दौरे का कार्यक्रम था, जिसे विवि प्रशासन ने आचार संहिता लग जाने के कारण पूरा न कर पाने का तर्क देकर स्थगित करने का आग्रह किया था। अब जबकि आचार संहिता हट गई है, तो अब निर्माण विंग के रिपेयर एंड मेंटेनेंस डिवीजन ने बड़े कार्यों के प्रस्ताव पहले से तैयार किए हैं। संहिता हट जाने पर अब इनके टेंडर कॉल कर कार्य आवंटित किया जाना बाकी है। निर्माण विंग अब इन कार्यों के टेंडर कॉल करने की तैयारी में है। बशर्ते विवि से इन कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी और बजट मिले।
इन कार्यों के बनाए गए प्रस्ताव
विवि के रिपेयर एंड मेंटेनेंस डिवीजन ने वाईएस परमार छात्रावास के टॉयलेट ब्लॉक की मरम्मत, अंदर बाहर का रंगरोगन, खिड़की दरवाजे बदलने का कार्य किए जाने के साथ ही डायनिंग हॉल की मरम्मत की जानी है। लड़कियों के गार्गी छात्रावास की बिजली की पुरानी वायरिंग लाखों का बजट खर्च कर बदले जाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। लड़कों के छात्रावासों में लगे पुराने फट चुके लोहे के टैंक बदले जाने का प्रस्ताव भी तैयार कर मंजूरी को भेजा गया है। इसके अलावा डिवीजन श्रीखंड ब्वॉयज छात्रावास के पूरे रंग रोगन, शहीद भगत सिंह छात्रावास के किचन और डायनिंग हॉल की छत बदलने और मरम्मत का कार्य भी शामिल है। इसके अलावा टैगोर छात्रावास की पुरानी वायरिंग बदलने, शौचालयों की मरम्मत, ड्रेन पाइप आदि बदलने जैसे कार्य के प्रस्ताव डिवीजन बना रहा है। इन कार्यों के लिए विवि से बजट मिलने पर टेंडर करवाने का रास्ता अब साफ हो गया है।
प्रशासन की मंजूरी मिलते ही कॉल किए जाएंगे टेंडर : एक्सईएन
विवि के रिपेयर एंड मेंटेनेंस डिवीजन के एक्सईएन अशोक राणा ने कहा कि छात्रावास मरम्मत कार्य के प्रस्ताव प्रशासन की मंजूरी और बजट के लिए भेजे गए हैं। हरी झंडी मिलने पर इसके टेंडर कॉल कर कार्य आवंटित कर दिया जाएगा। कुछ प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। इसमें अधिकतर छात्रावास मरम्मत के ही कार्य हैं।
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शिमला। प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता हटने के साथ ही अब नए भवन निर्माण और पुराने छात्रावास भवनों की मरम्मत और रखरखाव के बड़े कार्यों के काम को आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। बीस हजार से अधिक के जिन कार्यों को नियमों के तहत टेंडर आवंटित कर करवाया जाना है, अब उनके लिए टेंडर कॉल किए जा सकेंगे। विवि में ऐसे कई छात्रावासों की मरम्मत, बिजली वायरिंग बदलने, टॉयलेट ब्लॉक आदि की रेनोवेशन जैसे हर तरह के कार्य होने हैं। 26 सितंबर को राज्यपाल ने विवि के वाईएस परमार के साथ सभी ब्वॉयज छात्रावासों का औचक निरीक्षण कर रिपेयर और मरम्मत कार्य करवा कर इनकी दशा सुधारने के आदेश दिए थे। राज्यपाल ने विवि के निर्माण विंग के अधिकारियों और विवि प्रशासन को छात्रावासों की दयनीय स्थिति देखकर लताड़ भी लगाई थी। इसके बाद छह अक्तूबर को दोबारा छात्रावासों का निरीक्षण किया था। 26 अक्तूबर को उनका फिर निरीक्षण दौरे का कार्यक्रम था, जिसे विवि प्रशासन ने आचार संहिता लग जाने के कारण पूरा न कर पाने का तर्क देकर स्थगित करने का आग्रह किया था। अब जबकि आचार संहिता हट गई है, तो अब निर्माण विंग के रिपेयर एंड मेंटेनेंस डिवीजन ने बड़े कार्यों के प्रस्ताव पहले से तैयार किए हैं। संहिता हट जाने पर अब इनके टेंडर कॉल कर कार्य आवंटित किया जाना बाकी है। निर्माण विंग अब इन कार्यों के टेंडर कॉल करने की तैयारी में है। बशर्ते विवि से इन कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी और बजट मिले।
इन कार्यों के बनाए गए प्रस्ताव
विवि के रिपेयर एंड मेंटेनेंस डिवीजन ने वाईएस परमार छात्रावास के टॉयलेट ब्लॉक की मरम्मत, अंदर बाहर का रंगरोगन, खिड़की दरवाजे बदलने का कार्य किए जाने के साथ ही डायनिंग हॉल की मरम्मत की जानी है। लड़कियों के गार्गी छात्रावास की बिजली की पुरानी वायरिंग लाखों का बजट खर्च कर बदले जाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। लड़कों के छात्रावासों में लगे पुराने फट चुके लोहे के टैंक बदले जाने का प्रस्ताव भी तैयार कर मंजूरी को भेजा गया है। इसके अलावा डिवीजन श्रीखंड ब्वॉयज छात्रावास के पूरे रंग रोगन, शहीद भगत सिंह छात्रावास के किचन और डायनिंग हॉल की छत बदलने और मरम्मत का कार्य भी शामिल है। इसके अलावा टैगोर छात्रावास की पुरानी वायरिंग बदलने, शौचालयों की मरम्मत, ड्रेन पाइप आदि बदलने जैसे कार्य के प्रस्ताव डिवीजन बना रहा है। इन कार्यों के लिए विवि से बजट मिलने पर टेंडर करवाने का रास्ता अब साफ हो गया है।
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प्रशासन की मंजूरी मिलते ही कॉल किए जाएंगे टेंडर : एक्सईएन
विवि के रिपेयर एंड मेंटेनेंस डिवीजन के एक्सईएन अशोक राणा ने कहा कि छात्रावास मरम्मत कार्य के प्रस्ताव प्रशासन की मंजूरी और बजट के लिए भेजे गए हैं। हरी झंडी मिलने पर इसके टेंडर कॉल कर कार्य आवंटित कर दिया जाएगा। कुछ प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। इसमें अधिकतर छात्रावास मरम्मत के ही कार्य हैं।
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