{"_id":"64f9c8dec0d2c86643080e24","slug":"20-thousand-people-took-a-dip-of-faith-in-manimahesh-dal-lake-at-the-chota-shahi-snan-2023-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Manimahesh Yatra: छोटे शाही स्नान पर मणिमहेश डलझील में 20 हजार ने लगाई आस्था की डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Manimahesh Yatra: छोटे शाही स्नान पर मणिमहेश डलझील में 20 हजार ने लगाई आस्था की डुबकी
Thu, 07 Sep 2023 06:28 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, भरमौर (चंबा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भरमौर (चंबा)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 07 Sep 2023 06:28 PM IST
सार
बुधवार दोपहर बाद 3:38 बजे से लेकर गुरुवार शाम 4:15 बजे तक स्नान के लिए शुभ मुहूर्त था। इस शुभ मुहूर्त में हजारों शिव भक्त आस्था की डुबकी लगाने के लिए डल झील पहुंचे।
विज्ञापन
मणिमहेश डलझील में उमड़े शिव भक्त
- फोटो : संवाद
विस्तार
मणिमहेश में जन्माष्टमी के मौके पर 20 हजार शिव भक्तों ने डलझील में आस्था की डुबकी लगाई। छोटे शाही स्नान के साथ मणिमहेश यात्रा अधिकारिक तौर पर शुरू हो गई। बुधवार दोपहर बाद 3:38 बजे से लेकर गुरुवार शाम 4:15 बजे तक स्नान के लिए शुभ मुहूर्त था। इस शुभ मुहूर्त में हजारों शिव भक्त आस्था की डुबकी लगाने के लिए डल झील पहुंचे।
विज्ञापन
रातभर शिव भक्त भोलेनाथ के जयकारे लगाते रहे। रात को चौथे पहर में कैलाश पर्वत में चमकने वाली मणि को देखने के लिए श्रद्धालु रातभर सो ये नहीं। जैसे ही कैलाश पर्वत पर मणि की रोशनी दिखाई दी तो श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। पूरा कैलाश इन जयकारों से गूंज उठा। कुछ श्रद्धालुओं ने बुधवार के शुभ मुहूर्त में शाही स्नान किया। जबकि अधिकतर श्रद्धालुओं ने गुरुवार की सुबह डल झील में आस्था की डुबकी लगाई।
विज्ञापन
23 सितंबर को बड़ा शाही स्नान होगा। बड़ा शाही स्नान होने तक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहेगा। यात्रा पर जाने के लिए श्रद्धालुओं को अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। पंजीकरण नहीं होने पर श्रद्धालु को यात्रा से वापस भी किया जा सकता है। नागरिक उपमंडल अधिकारी भरमौर कुलवीर सिंह राणा ने बताया कि छोटे न्हौण पर 20 हजार श्रद्धालुओं ने स्नान किया है। बड़े स्नान में यह आंकड़ा लाखों में पहुंच सकता है।
विज्ञापन
भरमौर से गौरीकुंड के लिए एक दिन में हुई 45 उड़ानें
भरमौर हेलीपैड से गौरीकुंड के लिए गुरुवार को हेली टैक्सी की 45 उड़ानें हुईं। 260 शिव भक्त भरमौर से गौरीकुंड के लिए रवाना हुए, तो वहीं 240 गौरीकुंड से भरमौर पहुंचे। जहां शिव भक्तों को भरमौर से गौरीकुंड पहुंचने के लिए घंटों की पैदल चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। वहीं हेली टैक्सी के जरिये इन शिव भक्तों ने यह रास्ता मात्र आठ मिनट में तय किया।