फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   तहबाजारियों को दी ऋण सुविधाओं की जानकारी

कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की सौगात एंबुलेंस रोड, पार्क बनाने को दी मंजूरी

Thu, 22 Nov 2018 12:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 22 Nov 2018 12:21 PM IST
विज्ञापन
तहबाजारियों को दी ऋण सुविधाओं की जानकारी

नगर निगम ने अपने सैकड़ों कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का फैसला लिया है। महापौर कुसुम सदरेट की अध्यक्षता में हुई एफसीपीसी की मासिक बैठक में कर्मचारियों को तीन फीसदी महंगाई भत्ता देने का फैसला लिया गया।

विज्ञापन


आठ सौ से अधिक कर्मचारियों को जनवरी 2018 से यह भत्ता मिलेगा। इससे नगर निगम पर करीब 43 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। बैठक में विभिन्न वार्डों में एंबुलेंस रोड, कम्यूनिटी सेंटर और पक्के रास्ते बनाने के 27 प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इन्हें फिलहाल एफआरए/एफसीए केस बनाकर वन विभाग को भेजा जाएगा। 
विज्ञापन


नगर निगम ने शहर में दो नए एंबुलेंस रोड बनाने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। टुटीकंडी वार्ड में पांजणी स्कूल से लोअर पांजणी के लिए एंबुलेंस रोड बनेगा। इस पर 26.32 लाख रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


कनलोग में शिवमंदिर से नेगी निवास तक छह लाख रुपये से एंबुलेंस रोड बनाया जाएगा। इसके अलावा भारी बारिश से कसुम्पटी वार्ड में ढहे एंबुलेंस रोड को भी करीब 10 लाख की लागत से दुरुस्त किया जाएगा। इसमें जीवणु कालोनी, पुलिस कालोनी के रोड शामिल हैं जो बरसात में ढह गए थे।

मोबाइल कैंटीन का किराया बढ़ाया
नगर निगम ने अपनी मोबाइल कैंटीन का किराया भी दो हजार से बढ़ाकर सात हजार कर दिया है। पहले निगम ने यह किराया दस हजार रुपये मासिक करने का प्रस्ताव बनाया था। लेकिन बैठक में पार्षदों ने इसे फिलहाल सात हजार रखने का फैसला लिया।

नगर निगम शहर में खाली पड़ी जमीनों को पार्क आदि के रूप में विकसित करने के लिए एक्सपर्ट की मदद लेगा। जोधा निवास स्थित पार्किंग में बने चौकीदार रूम में शौचालय बनाने, जोधा निवास के पास वरिष्ठ नागरिकों के लिए दादा-दादी पार्क विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

नियम दरकिनार, पार्षद आए नहीं अधूरे कोरम में ही ले लिए फैसले
नगर निगम के इतिहास में पहली बार अधूरे कोरम के साथ ही बैठक कर कई अहम फैसले ले लिए गए। नियम-कानून ताक पर रखकर चंद मिनट के भीतर बैठक भी निपटा दी। बैठक में मौजूद पार्षदों और अफसरों ने भी इसमें पूरा साथ दिया। निगम प्रशासन ने बुधवार सुबह 11 बजे वित्त संविदा एवं योजना समिति (एफसीपीसी) की बैठक बुलाई थी। इसमें लाखों के नए प्रोजेक्टों समेत कई अहम फैसले होने थे।

एफसीपीसी में मेयर समेत कुल पांच सदस्य हैं। बैठक के लिए मेयर के अलावा कम से कम तीन पार्षद होना अनिवार्य है। इससे कम होने पर बैठक स्थगित करनी पड़ती है। अब तक कई बार बैठक स्थगित की भी जा चुकी है। लेकिन बुधवार को ऐसा नहीं हुआ। मेयर कुसुम सदरेट के देरी से पहुंचने के कारण बैठक 11 की बजाय साढ़े 12 बजे शुरू हुई। कमेटी सदस्य कांग्रेस पार्षद आनंद कौशल और भाजपा पार्षद सत्या कौंडल बैठक में पहुंचे। लेकिन पार्षद तनुजा चौधरी और संजय परमार नहीं आए।

पोल खुली तो करने लगे गुमराह
कोरम पूरा न होने पर पहले तो दोनों पार्षदों को फोन लगाए गए। इंतजार भी किया लेकिन जब नहीं आए तो अधूरे कोरम के साथ ही बैठक कर ली। बाद में जब सवाल उठे तो मेयर समेत बाकी अफसरों ने दावा किया कि एक पार्षद तनुजा चौधरी बैठक में आईं थीं और हस्ताक्षर करके चलीं गईं। लेकिन हकीकत में उस समय तनुजा चौधरी शिमला में ही नहीं थी।

बैठक में सारे फैसले जनहित के ही थे लेकिन आज तक अधूरे कोरम से कोई फैसला नहीं लिया गया। इस बार सदन में हल्ला करने वाले पार्षद भी खामोश थे और कोई सवाल तक नहीं पूछे। लेकिन सवाल उठता है कि आखिर अधूरे कोरम के साथ बैठक क्यों करनी पड़ी? क्यों पार्षदों से बात कर बैठक स्थगित नहीं की गई? क्यों नियमों का पालन नहीं किया गया? 

बैठक के बाद पहुंची एमसी 
मैं निजी कारणों से शिमला से बाहर गई थीं। इसीलिए समय पर बैठक में नहीं पहुंच पाईं। इस बारे में मेरी आयुक्त से बात हो गई थी। लेकिन बाद में नगर निगम गई थी। - तनुजा चौधरी, पार्षद

मेयर का दावा, मुझे जानकारी नहीं
मैं खुद बैठक में देरी से पहुंची। मुझे बताया गया कि पार्षद आईं थीं और हस्ताक्षर करके चली गईं। बैठक में किसी पार्षद और अफसर ने भी इसका विरोध नहीं किया। हमने बैठक में जनता से जुड़े कई फैसले लिए हैं। - कुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम


मिशन से जुड़े तहबाजारियों को मिलेगी 7 फीसदी दर पर ऋण
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत आयोजित की जा रही कार्यशाला के दूसरे दिन बुधवार को तहबाजारियों को सरकार की ओर से चलाई जा रही ऋण संबंधी योजनाओं की जानकारी दी गई। तहबाजारियों को बताया कि मुद्रा योजना के तहत कम ब्याज दर पर कारोबार बढ़ाने के लिए सरकार ऋण दे रही है।

वर्तमान में ज्यादातर बैंक तहबाजारियों को लोन नहीं देते। लेकिन यह तहबाजारी मिशन से जुड़कर लोन ले सकते हैं, वह भी सात फीसदी ब्याज दर पर। दो दिवसीय कार्यशाला के समापन पर नगर निगम महापौर कुसुम सदरेट ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने तहबाजारियों से चिन्हित स्थानों पर ही बैठने की अपील की।

कहा कि अतिक्रमण न करें और स्वच्छता बनाए रखने में अपना सहयोग दें। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अफसर डॉ. नीरज मोहन ने तहबाजारियों को मोबाइल ऐप के जरिये शिकायतें करने को लेकर जानकारी दी। सफाई को लेकर की जाने वाली इन शिकायतों का निगम तुरंत समाधान करेगा।


इसके बाद तहबाजारियों को प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। इस मौके पर शहरी आजीविका मिशन की मैनेजर निर्मला चौहान, एमसी शिमला के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र कुमार, कम्यूनिटी आर्गेनाइजर बिंदु मंढोत्रा मौजूद रहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed