{"_id":"5be9bcecbdec226947535c7f","slug":"171542044908-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देसी से सस्ती हो गई अंग्रेजी शराब, घाटे में चले गए ठेके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देसी से सस्ती हो गई अंग्रेजी शराब, घाटे में चले गए ठेके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में देसी शराब के ठेका मालिक घाटे में जा रहे हैं। ठेका मालिकों ने घाटे के लिए आबकारी विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। इन्होंने सीएम को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। ठेका संचालकों का कहना है कि शहर में कई दुकानों पर अंग्रेजी शराब प्रिंट रेट से भी कम दाम पर बेची जा रही है। इससे देसी शराब महंगी और अंग्रेजी सस्ती हो गई है।
विज्ञापन
ऐसे में देसी शराब की बिक्री घट गई है और ठेका संचालक घाटे में चले गए हैं। कई बार आबकारी विभाग को इसकी लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। सब्जी मंडी के ठेका संचालक कृष्णलाल काल्टा एंड कंपनी का कहना है कि विभाग को ऐसे कारोबारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं जो नियमों के विपरीत शराब बेच रहे हैं। जिला आबकारी अधिकारी का कार्यभार संभाल रहे सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि पहले भी कई ठेकों के चालान काटे गए हैं। यदि दोबारा ऐसा किया जा रहा है तो विभाग फिर से कार्रवाई करेगा।
विज्ञापन