{"_id":"5aa2cc4a4f1c1bb6758b480f","slug":"171520618570-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निराश हुए कर्मचारी, बोले-बजट में कुछ नहीं दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निराश हुए कर्मचारी, बोले-बजट में कुछ नहीं दिया
Updated Fri, 09 Mar 2018 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कारोबारी निराश, बोले-बजट में कुछ नहीं दिया
शिमला। जयराम सरकार के पहले बजट से शहर के कारोबारियों और व्यापारियों को निराशा हाथ लगी है। ज्यादातर कारोबारियों का कहना है कि सरकार से जीएसटी की सीमा दस लाख से 20 लाख करने की उम्मीद थी लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। कारोबारियों का कहना है कि पंजाब में 20 लाख तक की आय वाले कारोबारी इसके दायरे में आते हैं। लेकिन, प्रदेश में यह 10 लाख है। कर्मचारी अभी भी एनुअल रिटर्न भरने के लिए अफसरों के पास जा रहे हैं। इससे परेशानी बढ़ रही है।
जीएसटी पर भी स्थिति साफ नहीं
बजट में कारोबारियों के लिए कुछ नहीं दिया। जीएसटी की सीमा पंजाब की तरह 10 लाख से 20 लाख होनी चाहिए थी, लेकिन प्रदेश सरकार इसमें अभी तक नाकाम ही रही है। स्वास्थ्य बीमा योजना का भी कोई प्रावधान नहीं किया। व्यापारियों से सरकार को सबसे ज्यादा आय होती है। यही वर्ग रोजगार भी देता है लेकिन सरकार ने अनदेखा कर दिया। -इंद्रजीत सिंह, अध्यक्ष व्यापार मंडल शिमला
हमारे लिए मिला-जुला रहा बजट
कारोबारियों के लिए यह बजट मिला-जुला रहा। अफसर राज से राहत दिलाने की पहल अच्छी है। कारोबारियों को लाइसेंस आदि लेने में परेशानी कम होगी। अफसरों को समय पर काम करने होंगे। व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य योजना शुरू करने की मांग थी, लेकिन बजट में इसका जिक्र नहीं किया गया। इससे निराशा मिली है।- संजीव ठाकुर, महासचिव व्यापार मंडल
विज्ञापन
पेंशन की मांग पूरी होने की थी उम्मीद
कारोबारियों के लिए बजट में कुछ खास प्रावधान नहीं है। कारोबारियों की पिछले पांच साल से पेंशन योजना शुरू करने की मांग थी जो पूरी नहीं हुई। इसका प्रावधान होना चाहिए था। इसके अलावा सरकार ने गौ संरक्षण को लेकर जो प्रावधान किया है, वह सराहनीय कदम है। - रमेश सूद, कारोबारी लोअर बाजार
विज्ञापन
शिमला। जयराम सरकार के पहले बजट से शहर के कारोबारियों और व्यापारियों को निराशा हाथ लगी है। ज्यादातर कारोबारियों का कहना है कि सरकार से जीएसटी की सीमा दस लाख से 20 लाख करने की उम्मीद थी लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। कारोबारियों का कहना है कि पंजाब में 20 लाख तक की आय वाले कारोबारी इसके दायरे में आते हैं। लेकिन, प्रदेश में यह 10 लाख है। कर्मचारी अभी भी एनुअल रिटर्न भरने के लिए अफसरों के पास जा रहे हैं। इससे परेशानी बढ़ रही है।
जीएसटी पर भी स्थिति साफ नहीं
बजट में कारोबारियों के लिए कुछ नहीं दिया। जीएसटी की सीमा पंजाब की तरह 10 लाख से 20 लाख होनी चाहिए थी, लेकिन प्रदेश सरकार इसमें अभी तक नाकाम ही रही है। स्वास्थ्य बीमा योजना का भी कोई प्रावधान नहीं किया। व्यापारियों से सरकार को सबसे ज्यादा आय होती है। यही वर्ग रोजगार भी देता है लेकिन सरकार ने अनदेखा कर दिया। -इंद्रजीत सिंह, अध्यक्ष व्यापार मंडल शिमला
विज्ञापन
हमारे लिए मिला-जुला रहा बजट
कारोबारियों के लिए यह बजट मिला-जुला रहा। अफसर राज से राहत दिलाने की पहल अच्छी है। कारोबारियों को लाइसेंस आदि लेने में परेशानी कम होगी। अफसरों को समय पर काम करने होंगे। व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य योजना शुरू करने की मांग थी, लेकिन बजट में इसका जिक्र नहीं किया गया। इससे निराशा मिली है।- संजीव ठाकुर, महासचिव व्यापार मंडल
विज्ञापन
पेंशन की मांग पूरी होने की थी उम्मीद
कारोबारियों के लिए बजट में कुछ खास प्रावधान नहीं है। कारोबारियों की पिछले पांच साल से पेंशन योजना शुरू करने की मांग थी जो पूरी नहीं हुई। इसका प्रावधान होना चाहिए था। इसके अलावा सरकार ने गौ संरक्षण को लेकर जो प्रावधान किया है, वह सराहनीय कदम है। - रमेश सूद, कारोबारी लोअर बाजार