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कोटशेरा में बताए महिलाओं के अधिकार
Updated Wed, 22 Nov 2017 10:22 PM IST
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शिमला। राजधानी के राजीव गांधी महाविद्यालय चौड़ा मैदान में बुधवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से महिला अधिकारों पर सेमीनार का आयोजन किया गया। अध्यक्षता कॉलेज प्राचार्य इंद्रजीत सिंह ने की। सेमीनार में पुलिस अधीक्षक शिमला सौम्या सांबशिवन ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। मुख्य वक्ता के रूप में सेमीनार में हिस्सा लेने पहुंचीं वरिष्ठ अधिवक्ता अंकिता वर्मा ने छात्र-छात्राओं को भारत के संविधान में महिलाओं को दिए गए अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संविधान में महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा देने के लिए कानूनी रूप से सक्षम बनाया गया है। इसके लिए कई तरह के अधिकार दिए गए हैं। इनका इस्तेमाल कर महिलाएं हर क्षेत्र में अपने हक ले सकती हैं। मुख्यातिथि ने एक मां और महिला के अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं को हर तरह के शोषण या दबाव से मुक्त बनाने और एक सफल जीवन जीने के लिए उसे कानूनी अधिकारी दिए गए हैं। महिला को चाहिए कि वह अपने कानूनी अधिकारों को जाने। सेमीनार के अलावा कैंपस में एक परिसंवाद भी आयोजित किया गया। इसमें निबंध प्रतियोगिता करवाई गई, जिसमें 40 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इनमें से सात का चयन किया गया। इसमें पहला स्थान बीएससी पांचवें सत्र के विजय ने पहला, बीएससी की ही छात्रा ज्योति ने दूसरा, परीक्षित ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, भारती, रजत, भूपेश तथा उदय ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में शामिल डॉ. बृजेश चौहान, डॉ. पुष्पलता और डॉ. अंजू शर्मा शामिल थे। मंच का संचालन डॉ. पूनम किमटा ने किया। इस मौके पर शिक्षक प्रो. महेश चंद आदि मौजूद रहे।
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