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व्यवस्था सुधारने के लिए बड़ा फैसला लेगा एचपीयू
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:11 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
एचपी यूनिवर्सिटी में व्यवस्था को और दुरुस्त किया जाएगा। इस संबंध में विवि बड़ा फैसला जल्द ले सकता है। हॉस्टल में चोरी छिपे प्रवेश करने वाले आउटसाइडर्स पर पैनी निगाह रखी जाएगी। उसी छात्र-छात्रा को हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति मिलेगी जिसके नाम हॉस्टल आवंटित होगा। राज्यपाल आचार्य देवव्रत के औचक निरीक्षण के दौरान भी ब्वॉयज हॉस्टल में कुछ आउटसाइर्ड्स पकड़े गए थे। राज्यपाल ने इनके हॉस्टल में प्रवेश को लेकर सवाल उठाए थे। प्रशासन के अनुसार हॉस्टल में आउटसाइर्ड्स की एंट्री पहले से बंद है लेकिन कई हॉस्टलों में छात्र बिना अनुमति ठहरते हैं। हॉस्टल में प्रवेश के लिए रजिस्टर लगे तो हैं लेकिन फर्जी तरीके से छात्र हॉस्टल के कमरों में ठहरते हैं। अब नई व्यवस्था के तहत प्रशासन ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है जिससे इन छात्रों को प्रवेश न मिल सके। चीफ वार्डन अपर्णा नेगी का कहना है कि आउटसाइर्ड्स को हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए विवि सख्त कदम उठा रहा है।
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दाव पर नौकरी, छह अक्तूबर तक पूरा करना होगा काम
कुलपति कार्यालय की ओर से दो एक्सईएन को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं। राज्यपाल ने इन्हें सस्पेंड करने के निर्देश दिए थे लेकिन विवि प्रशासन का कहना है कि ऑर्डिनेंस के तहत नियमानुसार कार्रवाई होती है। अफसरों को अपनी गलती सुधारने का एक मौका दिया जाना जरूरी है। बिजली और कंस्ट्रक्शन विभाग के ये अधिकारी अब छह अक्तूबर को रिपोर्ट देंगे। इसके बाद यदि काम संतोषजनक नहीं मिलता तो सस्पेंशन तक की कार्रवाई हो सकती है। कुलपति प्रो. राजेंद्र चौहान का कहना है कि काम की रिपोर्ट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
हॉस्टलों में सफाई, मरम्मत का काम जोरों पर
एचपीयू के ब्वॉयज हॉस्टलों में सफाई और मरम्मत संबंधी कार्य शुक्रवार को भी जारी रहा। हॉस्टलों के कमरों और रसोई में लटकी बिजली की तारों को फिट करने का काम जारी है। इसके अलावा हॉस्टलों के भीतर पड़ा कबाड़ भी बाहर निकाला जा रहा है। विवि प्रशासन के निर्देशों के तहत हॉस्टलों में सफाई और रखरखाव का काम छुट्टियों के दिनों में भी जारी रहेगा।
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शिमला।
एचपी यूनिवर्सिटी में व्यवस्था को और दुरुस्त किया जाएगा। इस संबंध में विवि बड़ा फैसला जल्द ले सकता है। हॉस्टल में चोरी छिपे प्रवेश करने वाले आउटसाइडर्स पर पैनी निगाह रखी जाएगी। उसी छात्र-छात्रा को हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति मिलेगी जिसके नाम हॉस्टल आवंटित होगा। राज्यपाल आचार्य देवव्रत के औचक निरीक्षण के दौरान भी ब्वॉयज हॉस्टल में कुछ आउटसाइर्ड्स पकड़े गए थे। राज्यपाल ने इनके हॉस्टल में प्रवेश को लेकर सवाल उठाए थे। प्रशासन के अनुसार हॉस्टल में आउटसाइर्ड्स की एंट्री पहले से बंद है लेकिन कई हॉस्टलों में छात्र बिना अनुमति ठहरते हैं। हॉस्टल में प्रवेश के लिए रजिस्टर लगे तो हैं लेकिन फर्जी तरीके से छात्र हॉस्टल के कमरों में ठहरते हैं। अब नई व्यवस्था के तहत प्रशासन ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है जिससे इन छात्रों को प्रवेश न मिल सके। चीफ वार्डन अपर्णा नेगी का कहना है कि आउटसाइर्ड्स को हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए विवि सख्त कदम उठा रहा है।
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दाव पर नौकरी, छह अक्तूबर तक पूरा करना होगा काम
कुलपति कार्यालय की ओर से दो एक्सईएन को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं। राज्यपाल ने इन्हें सस्पेंड करने के निर्देश दिए थे लेकिन विवि प्रशासन का कहना है कि ऑर्डिनेंस के तहत नियमानुसार कार्रवाई होती है। अफसरों को अपनी गलती सुधारने का एक मौका दिया जाना जरूरी है। बिजली और कंस्ट्रक्शन विभाग के ये अधिकारी अब छह अक्तूबर को रिपोर्ट देंगे। इसके बाद यदि काम संतोषजनक नहीं मिलता तो सस्पेंशन तक की कार्रवाई हो सकती है। कुलपति प्रो. राजेंद्र चौहान का कहना है कि काम की रिपोर्ट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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हॉस्टलों में सफाई, मरम्मत का काम जोरों पर
एचपीयू के ब्वॉयज हॉस्टलों में सफाई और मरम्मत संबंधी कार्य शुक्रवार को भी जारी रहा। हॉस्टलों के कमरों और रसोई में लटकी बिजली की तारों को फिट करने का काम जारी है। इसके अलावा हॉस्टलों के भीतर पड़ा कबाड़ भी बाहर निकाला जा रहा है। विवि प्रशासन के निर्देशों के तहत हॉस्टलों में सफाई और रखरखाव का काम छुट्टियों के दिनों में भी जारी रहेगा।
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