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एनएच बंद होने से फल मंडी भट्ठाकुफर को करोड़ों नुकसान
Updated Sun, 03 Sep 2017 10:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
ढली के पास एनएच के बंद होने से बागवानों और फल मंडी भट्ठाकुफर के व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा। इन दिनों फल मंडी में चौपाल और कोटखाई का सेब भारी मात्रा में आ रहा है। शनिवार को मार्ग के बंद हो जाने से सेब की पेटियां मंडी में नहीं पहुंच रही हैं। पुलिस प्रशासन ने बागवानों के लिए वाया खलीणी होकर सेब ले जाने की अनुमति दी है लेकिन बागवानों को 20 से 25 किलोमीटर घूम कर फल मंडी भट्ठाकुफर तक पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में मंडी में करीब 4 से 5 हजार पेटियां ही पहुंच रही हैं। फल मंडी में रोजाना 30 से 40 हजार सेब की पेटियां आती हैं लेकिन मार्ग के बंद होने से व्यापार कम हो गया है। बाहरी राज्य से आए व्यापारी अपने ट्रकों के साथ सेब का इंतजार कर रहे हैं लेकिन व्यापारियों को सिर्फ 200 से 400 पेटियां ही खरीदने को मिल रही हैं। फल मंडी में काम कर रहे मजदूर भी दो दिन से बेकार हो गए हैं। फल मंडी के अध्यक्ष नाहर सिंह चौधरी का कहना है कि ढली में भूस्खलन से बंद सड़क के कारण फल मंडी को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। पिछले दो दिन से मंडी में इक्का दुक्का सेब की पेटियां ही पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि मंडी में दो दिन में करीब चार से पांच हजार पेटियां ही पहुंच पाई है।
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ढली के पास एनएच के बंद होने से बागवानों और फल मंडी भट्ठाकुफर के व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा। इन दिनों फल मंडी में चौपाल और कोटखाई का सेब भारी मात्रा में आ रहा है। शनिवार को मार्ग के बंद हो जाने से सेब की पेटियां मंडी में नहीं पहुंच रही हैं। पुलिस प्रशासन ने बागवानों के लिए वाया खलीणी होकर सेब ले जाने की अनुमति दी है लेकिन बागवानों को 20 से 25 किलोमीटर घूम कर फल मंडी भट्ठाकुफर तक पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में मंडी में करीब 4 से 5 हजार पेटियां ही पहुंच रही हैं। फल मंडी में रोजाना 30 से 40 हजार सेब की पेटियां आती हैं लेकिन मार्ग के बंद होने से व्यापार कम हो गया है। बाहरी राज्य से आए व्यापारी अपने ट्रकों के साथ सेब का इंतजार कर रहे हैं लेकिन व्यापारियों को सिर्फ 200 से 400 पेटियां ही खरीदने को मिल रही हैं। फल मंडी में काम कर रहे मजदूर भी दो दिन से बेकार हो गए हैं। फल मंडी के अध्यक्ष नाहर सिंह चौधरी का कहना है कि ढली में भूस्खलन से बंद सड़क के कारण फल मंडी को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। पिछले दो दिन से मंडी में इक्का दुक्का सेब की पेटियां ही पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि मंडी में दो दिन में करीब चार से पांच हजार पेटियां ही पहुंच पाई है।
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