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हिमाचल: 16800 फीट ऊंचा कुगती दर्रा नौ महीने बाद आवाजाही के लिए बहाल
Sat, 29 Jun 2019 11:02 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 29 Jun 2019 11:02 PM IST
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फाइल फोटो
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मणिमहेश के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। लाहौल-चंबा को जोड़ने वाला 16800 फीट ऊंचा कुगती दर्रा नौ माह बाद श्रद्धालुओं और ट्रैकरों की आवाजाही के लिए खुल गया है। अमूमन यह रास्ता चार माह जून से सितंबर तक ही खुला रहता है।
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इस दौरान भी इस मार्ग से आवाजाही करने वाले श्रद्धालुओं के लिए खतरा रहता है। मौसम बिगड़ते ही बर्फबारी का दौर शुरू हो जाता है। दो दिन पूर्व मौसम खुलते ही चंबा जिले के भेड़पालक कुगती पास होते हुए लाहौल घाटी की पहाड़ियों में मवेशियों के साथ चारागाह दस्तक देने लगे हैं।
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इनके घाटी में प्रवेश होते ही भक्त मणिमहेश झील के दर्शन के लिए जोबरंग के रास्ते कुगती पास लांघकर निकल जाते हैं। जोबरंग से चार दिन के इस रूट से श्रद्धालुओं को झील तक पहुंचने में पथरीले और ऊबड़खाबड़ रास्तों से होकर जाना मुश्किल भरा रहता है।
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ट्रैकरों और श्रद्धालुओं को अपने साथ टेंट और खाने-पीने का सामान ले जाना पड़ता है। चंबा और लाहौल आने वाले विदेशी ट्रैकर इस रूट को बेहद रोमांचक ट्रैकिंग रूट मानते आ रहे हैं।
चंबा जिले के भरमौर से यहां पहुंचे भेड़ पालक राम सिंह और लक्ष्मण ने बताया कि इस बार पिछले कई वर्षों के मुकाबले कुगती पास में अभी भी भारी बर्फ और ग्लेशियर हैं। उधर, लाहौल-स्पीति जिले के पुलिस उप अधीक्षक सुशांत शर्मा ने लाहौल-चंबा को जोड़ने वाला कुगती पास ट्रैकरों और श्रद्धालुओं के लिए खुलने की पुष्टि की है।