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हिमकॉन से सात कर्मचारी निष्कासित, विरोध भी शुरू
Sat, 29 Jun 2019 10:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jun 2019 10:44 PM IST
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हिमकॉन में बारह साल तक सेवाएं देने के बाद एकाएक 7 कर्मचारियों को निष्कासित कर दिया। हिमकॉन से निष्कासित अनुबंध कर्मी सुशील शर्मा, सुनील राणा, देवी सिंह मेहता, विवेक ठाकुर, गजेंद्र सिंह, सतीश कुमार और दिनेश राणा ने कहा कि अपने जीवन का स्वर्णिम समय उन्होंने हिमकॉन को दिया लेकिन अब संस्थान ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
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कर्मचारियों का दावा है कि 3 जून को संस्थान की ओर से उन्हें लिखित सूचना दी थी कि 31 दिसंबर 2019 तक उनकी सेवाएं बहाल रखी जाएंगी लेकिन अब एकाएक बिना कोई वजह बताए नौकरी से निष्कासित कर दिया। निष्कासन का एक माह का अग्रिम नोटिस जारी कर दिया है। कर्मियों का आरोप है कि मई माह का वेतन देने में भी सौतेला व्यवहार अपनाया गया है।
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सात कर्मियों को वेतन का 75 फीसदी, आठ कर्मियों को सौ फीसदी और कुछ कर्मियों को कुछ नहीं दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि संस्थान के 51 फीसदी शेयर हिमाचल सरकार, विभिन्न विभागों और बैंकों के पास है। बावजूद इसके सरकार का संस्थान पर कोई नियंत्रण नहीं है। संस्थान मनमाने फैसले न ले इसके लिए प्रदेश सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए।
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परफार्मैंस सुधारने का दिया है नोटिस : सिंह
हिमकॉन के एजीएम आरके सिंह ने बताया कि अनुबंध कर्मियों को जिन शर्तों पर नौकरी पर रखा था उसमें साफ है कि अगर अनुबंध कर्मियों का काम संतोषजनक नहीं पाया जाएगा तो एक महीने का नोटिस देकर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। प्रबंधन की ओर से अनुबंध कर्मियों को परफार्मैंस सुधारने के लिए एक माह का नोटिस दिया है, निकाला किसी को नहीं गया।