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आईजीएमसी में पानी की सप्लाई ठप, देरी से शुरू हुए ऑपरेशन
Wed, 26 Jun 2019 11:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2019 11:33 AM IST
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फाइल फोटो
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आईजीएमसी में पानी की दिक्कत ने मरीजों को मगंलवार को खूब परेशान किया। अस्पताल में हालत यह हो गई कि मरीजों के ऑपेशन सुबह साढ़े ग्यारह बजे के बाद ही शुरू हो पाए। अस्पताल में अधिकारियों के पास तैनात कर्मचारियों ने बाल्टियां भर भरकर ऑपरेशन थियेटर में पानी पहुंचाया।
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यूरोलॉजी के माइनर ऑपरेशन थियेटर और सीटीवीएस विभाग में इसी तरह जुगाड़बाजी कर पानी की व्यवस्था की गई।
आलम यह था कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों और स्टाफ कर्मचारियों को हाथ धोने तक को पानी नहीं मिला। इसके बाद बाहर से पानी लाकर सफाई का काम चलाया गया। इसके अलावा चिल्ड्रन और सुपर स्पेशियलिटी विभाग में भी दिनभर पानी की किल्लत बनी रही। तीमारदार मरीजों के लिए बाहर से पानी खरीदकर लाना पड़ा।
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आईजीएमसी के बी ब्लॉक को सप्लाई करने वाली पानी की पाइप का वॉल्व टूटने के बाद कई दिनों से पानी नहीं आ रहा था। लिहाजा अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना थी। लेकिन सोमवार शाम तक भी सप्लाई दुरुस्त करवाने को लेकर किसी तरह का कार्य नहीं हुआ। मंगलवार को जब वार्ड में पानी नहीं आया और मरीजों ने हाहाकार मचाया तब प्रशासन जागा। इसके बाद प्रबंधन ने पाइप लाइन में टूटे वॉल्व को दुरुस्त करवाने को पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों को भेजा।
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पाइप लाइन गई थी टूट
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने बताया कि बी ब्लॉक में पाइप लाइन टूट गई थी। इसे मंगलवार को दुरुस्त किया गया। ऑपरेशन देरी से हुए लेकिन किसी भी मरीज को समस्या नहीं आने दी।
शौचालयों में फैली दुर्गंध, संक्रमण फैलने का खतरा
शिमला की रचना ने बताया कि उनके परिवार का सदस्य बाल रोग वार्ड में दाखिल है। बच्चे को इंफेक्शन हो गया है। वार्ड में पानी नहीं है। अस्पताल के सभी शौचालय की स्थिति बदहाल है। हर जगह दुर्गंध फैली हुई है। इससे संक्रमण फैलने का भी खतरा बढ़ गया है।