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शांकली में आग लगने से शिव मंदिर जला, हजारों का नुकसान
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में रेडिसन होटल के नजदीक शांकली सरकारी स्कूल से 300 मीटर की दूरी पर रविवार देररात शिव मंदिर में आग लग गई। इसमें हजारों रुपये का सामान जल गया है। मंदिर में आग लगने की सूचना अग्निशमन विभाग को रात 11 बजकर 46 मिनट पर मिली। मालरोड अग्निशमन केंद्र से बड़ा वाटर टेंडर कर्मचारियों के साथ मौके के लिए रवाना हुआ। लेकिन यह वाटर टेंडर रेडिसन होटल के नाले के तंग मोड़ पर फंस गया। यहां से आगे नहीं निकल पाया। सूचना पर इसी दौरान छोटा शिमला अग्निशमन केंद्र से दो छोटे वाटर टेंडर मौके पर पहुंच गए।
दो वाटर टेंडर मौके पहुंचने के बाद दमकल विभाग के 11 कर्मचारियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक यह मंदिर जल चुका था। यह मंदिर मिट्टी और लकड़ी का बना हुआ था। शिव मंदिर धजीनुमा सेप में बना था। मंदिर में चांदी की मूर्तियां, दान पात्र और भंडारे का रखा समान तथा बर्तन जल गए। सोमवार को यहां भंडारा रखा था। इस शिव मंदिर के साथ लगते छोटे मंदिरों और काली माता का मंदिर की सराय को सुरक्षित बचा लिया है। साथ लगते चीड़ और वान के जंगल को आग लगने से बचा लिया गया। शिव मंदिर के जलने से लगभग साठ हजार रुपये का नुकसान हुआ है। बचाई गई संपत्ति दस लाख रुपये की बताई जा रही है। अग्निशमन विभाग के डिविजनल फायर आफिसर धर्मचंद शर्मा ने बताया कि शांकली नाले के पास बना शिव मंदिर जल गया है। इसके साथ बने छोटे अन्य मंदिरों को सुरक्षित बचा लिया हैं। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
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शिमला। राजधानी शिमला में रेडिसन होटल के नजदीक शांकली सरकारी स्कूल से 300 मीटर की दूरी पर रविवार देररात शिव मंदिर में आग लग गई। इसमें हजारों रुपये का सामान जल गया है। मंदिर में आग लगने की सूचना अग्निशमन विभाग को रात 11 बजकर 46 मिनट पर मिली। मालरोड अग्निशमन केंद्र से बड़ा वाटर टेंडर कर्मचारियों के साथ मौके के लिए रवाना हुआ। लेकिन यह वाटर टेंडर रेडिसन होटल के नाले के तंग मोड़ पर फंस गया। यहां से आगे नहीं निकल पाया। सूचना पर इसी दौरान छोटा शिमला अग्निशमन केंद्र से दो छोटे वाटर टेंडर मौके पर पहुंच गए।
दो वाटर टेंडर मौके पहुंचने के बाद दमकल विभाग के 11 कर्मचारियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक यह मंदिर जल चुका था। यह मंदिर मिट्टी और लकड़ी का बना हुआ था। शिव मंदिर धजीनुमा सेप में बना था। मंदिर में चांदी की मूर्तियां, दान पात्र और भंडारे का रखा समान तथा बर्तन जल गए। सोमवार को यहां भंडारा रखा था। इस शिव मंदिर के साथ लगते छोटे मंदिरों और काली माता का मंदिर की सराय को सुरक्षित बचा लिया है। साथ लगते चीड़ और वान के जंगल को आग लगने से बचा लिया गया। शिव मंदिर के जलने से लगभग साठ हजार रुपये का नुकसान हुआ है। बचाई गई संपत्ति दस लाख रुपये की बताई जा रही है। अग्निशमन विभाग के डिविजनल फायर आफिसर धर्मचंद शर्मा ने बताया कि शांकली नाले के पास बना शिव मंदिर जल गया है। इसके साथ बने छोटे अन्य मंदिरों को सुरक्षित बचा लिया हैं। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
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