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एक्सरे मशीन तो है पर तीन वर्ष से रेडियोग्राफर ही नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 20 Aug 2018 12:24 PM IST
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एक्सरे मशीन तो है पर किस काम की, जब तीन साल से रेडियोग्राफर ही न हो। डेंटिस्ट और तकनीशियन तो हैं, लेकिन डेंटल चेयर ही नहीं। जी हां, यह हाल है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टूटु का। यहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे खोखले हैं।
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विकास समिति टुटू ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार को पत्र लिख कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टूटु में सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह किया है। समिति के अध्यक्ष नागेंद्र गुप्ता और महासचिव ठाकुर सिंह वर्मा का कहना है कि चार साल बाद भी स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं सुधर पाई हैं।
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पिछले 3 सालों से यहां एक्सरे मशीन तो है, लेकिन रेडियोग्राफर नहीं है। इसके चलते मरीजों को शिमला के सरकारी अस्पतालों या निजी क्लीनिकों में एक्सरे के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अगर स्वास्थ्य केंद्र में डेंटल डॉक्टर और तकनीशियन की तैनाती तो कर दी है लेकिन डेंटल चेयर नहीं लगाई गई है। इस कारण यहां दांतों का इलाज नहीं हो पा रहा है।
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स्वास्थ्य केंद्र में सप्ताह में केवल दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को ही टेस्ट सुविधा दी जा रही है जबकि स्थानीय लोगों की मांग है कि रोजाना यहां टेस्ट हों। स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी तकनीशियन और रेडियोग्राफर न होने के कारण करोड़ों रुपये की आधुनिक एनलाइजर व एक्सरे मशीनेें धूल फांक रही हैं।
विकास समिति ने स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की भी मांग उठाई है ताकि जरूरत पड़ने पर आपातकालीन स्थिति में मरीजों को इलाज मिल सके। स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाएं बढ़ने से टुटू सहित आसपास की करीब 10 पंचायतों के हजारों लोग लाभान्वित होंगे।