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मर्ज एरिया के लोग महंगा पानी पीने को मजबूर
Updated Sat, 04 Nov 2017 11:23 PM IST
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शिमला। नगर निगम को लाखों का टैक्स चुकाने के बावजूद मर्ज एरिया के हजारों लोगों को महंगा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। पानी के घरेलू कनेक्शन के लिए 18 वार्डों के लोगों को निगम की दो बड़ी शर्तें पूरी करनी पड़ रही हैं। शर्तें न मानने पर उन्हें करीब तीन गुना ज्यादा कामर्शियल रेट पर पानी के बिल चुकाने पड़ रहे हैं। निगम के मुताबिक मर्ज एरिया के लोगों को पानी का घरेलू कनेक्शन लेने के लिए सबसे पहले घर का नक्शा दिखाना होगा। यदि नक्शा टीसीपी या एमसी से पास हुआ तो उसे घरेलू दरों पर कनेक्शन दिया जाएगा। लेकिन यदि नक्शा नहीं है तो कामर्शियल कनेक्शन दिया जाएगा। उधर, मर्ज एरिया के हजारों लोगों के मकान बिना नक्शों के बने हैं। लोगों का कहना है कि निगम में आने से पहले ज्यादातर क्षेत्र ग्रामीण थे। गांव में लोगों ने मर्जी से बिना नक्शों के मकान बना रखे हैं। अब निगम में शामिल होने पर शर्त लगा दी गई कि एमसी या टीसीपी से नक्शा पास होना चाहिए। ऐसे में वे लोग कहां से नक्शे लाएं जो निगम में आने से पहले ही मकान बना चुके थे। लोगों का कहना है कि इस शर्त से पहले बन चुके मकान मालिकों को राहत दी जानी चाहिए।
आईपीएच से एनओसी लेना जरूरी
निगम की दूसरी शर्त यह है कि उपभोक्ता को आईपीएच से भी एनओसी लेनी होगी। जब तक आईपीएच का पानी बंद नहीं होगा, उसे एमसी घरेलू दरों पर पानी का कनेक्शन नहीं देगा। मर्ज एरिया में शामिल मज्याठ वार्ड के पार्षद दिवाकर शर्मा ने निगम हाउस में भी इस शर्त पर आपत्ति जताई थी। पार्षद का कहना है कि जब मर्ज एरिया के लोग टैक्स भर रहे हैं तो फिर उन्हें घरेलू कनेक्शन क्यों नहीं दिए जाते। कहा कि आईपीएच से एनओसी लेने की शर्त गलत है। इसे हटाया जाना चाहिए। सांगटी वार्ड की पार्षद मीरा शर्मा ने कहा कि उनका पूरा वार्ड मर्ज एरिया है। ऐसे में निगम को ऐसी शर्तें नहीं लगानी चाहिए। लोअर ढली के पार्षद शैलेंद्र चौहान ने कहा कि वार्ड में लगातार लोग उनसे इसके बारे में शिकायतें कर रहे हैं। प्रशासन को जल्द इस पर कदम उठाना होगा।
18 वार्डों के लोग झेल रहे परेशानी
शहर में 18 वार्डों के हजारों लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं। इनमें रुल्दूभट्ठा, टुटू, मज्याठ, कच्चीघाटी, टूटीकंडी, ढली, मशोबरा, शांति विहार, भट्ठाकुफर, सांगटी, मल्याणा, पंथाघाटी, कसुम्पटी, विकासनगर, कंगनाधार, पटयोग, न्यू शिमला और खलीणी वार्ड के मर्ज एरिया की आबादी शामिल है।
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क्या कहती है मेयर
मर्ज एरिया से पानी के कनेक्शन को लेकर लोगों की शिकायतें मिल रही हैं। आचार संहिता के बाद इसके बारे में अफसरों से चर्चा की जाएगी। देखा जाएगा कि आखिर कैसे लोगों को शर्तों में राहत देकर घरेलू कनेक्शन दिए जा सकते हैं।
कुसुम सदरेट, मेयर नगर निगम शिमला
अधीक्षण अभियंता को सौंपा है मामला
यह मामला हमारे ध्यान में है। अधीक्षण अभियंता को इसका हल निकालने को कहा गया है। इस माह होने वाले सदन में भी इस प्रस्ताव पर चर्चा होनी है।
प्रशांत सरकैक, संयुक्त आयुक्त नगर निगम शिमला
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आईपीएच से एनओसी लेना जरूरी
निगम की दूसरी शर्त यह है कि उपभोक्ता को आईपीएच से भी एनओसी लेनी होगी। जब तक आईपीएच का पानी बंद नहीं होगा, उसे एमसी घरेलू दरों पर पानी का कनेक्शन नहीं देगा। मर्ज एरिया में शामिल मज्याठ वार्ड के पार्षद दिवाकर शर्मा ने निगम हाउस में भी इस शर्त पर आपत्ति जताई थी। पार्षद का कहना है कि जब मर्ज एरिया के लोग टैक्स भर रहे हैं तो फिर उन्हें घरेलू कनेक्शन क्यों नहीं दिए जाते। कहा कि आईपीएच से एनओसी लेने की शर्त गलत है। इसे हटाया जाना चाहिए। सांगटी वार्ड की पार्षद मीरा शर्मा ने कहा कि उनका पूरा वार्ड मर्ज एरिया है। ऐसे में निगम को ऐसी शर्तें नहीं लगानी चाहिए। लोअर ढली के पार्षद शैलेंद्र चौहान ने कहा कि वार्ड में लगातार लोग उनसे इसके बारे में शिकायतें कर रहे हैं। प्रशासन को जल्द इस पर कदम उठाना होगा।
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18 वार्डों के लोग झेल रहे परेशानी
शहर में 18 वार्डों के हजारों लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं। इनमें रुल्दूभट्ठा, टुटू, मज्याठ, कच्चीघाटी, टूटीकंडी, ढली, मशोबरा, शांति विहार, भट्ठाकुफर, सांगटी, मल्याणा, पंथाघाटी, कसुम्पटी, विकासनगर, कंगनाधार, पटयोग, न्यू शिमला और खलीणी वार्ड के मर्ज एरिया की आबादी शामिल है।
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क्या कहती है मेयर
मर्ज एरिया से पानी के कनेक्शन को लेकर लोगों की शिकायतें मिल रही हैं। आचार संहिता के बाद इसके बारे में अफसरों से चर्चा की जाएगी। देखा जाएगा कि आखिर कैसे लोगों को शर्तों में राहत देकर घरेलू कनेक्शन दिए जा सकते हैं।
कुसुम सदरेट, मेयर नगर निगम शिमला
अधीक्षण अभियंता को सौंपा है मामला
यह मामला हमारे ध्यान में है। अधीक्षण अभियंता को इसका हल निकालने को कहा गया है। इस माह होने वाले सदन में भी इस प्रस्ताव पर चर्चा होनी है।
प्रशांत सरकैक, संयुक्त आयुक्त नगर निगम शिमला