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मैंथा की खेती की सैटेलाइट मैपिंग करेगा इसरो
Updated Sun, 11 Jun 2017 12:52 AM IST
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मैंथा की खेती की सैटेलाइट मैपिंग करेगा इसरो
रामपुर (ब्यूरो)। मैंथा किसानों के लिए निकट भविष्य में केंद्र सरकार कोई सौगात देने वाली है। शायद इसीलिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मैंथा की खेती की सैटेलाइट मैपिंग करने जा रहा है। सैटेलाइट मैपिंग के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से जुड़े स्पाइसेस बोर्ड के फील्ड अफसरों ने मैंथा खेती का भौगोलिक सर्वे शुरू कर दिया है। फील्ड अफसरों का कहना है कि किसानों को खेती के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें मैंथा प्लांट लगाने के लिए छूट भी देने का प्रावधान है।
सैटेलाइट मैपिंग के लिए रामपुर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से जुड़े स्पाइसेस बोर्ड के फील्ड अफसर दिकेश और अनीष एन ने तमाम गांवों में जाकर मैंथा की खेती को देखा। किसानों से बातचीत भी की। स्पाइसेस बोर्ड के फील्ड अफसरों के साथ स्पाइसेस बोर्ड के सदस्य ताज मोहम्मद, उद्यान विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक राधेश्याम शर्मा भी मौजूद रहे। स्पाइसेस बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर जोनजो वर्गीश ने बताया कि इसरो ने हमें मैंथा की खेती के लिए सर्वे का काम सौंपा है। इसरो की ओर से हमें एक मोबाइल एप्लीकेशन प्रोबाइड की गई है। हमारी टीम बदायूं, संभल, अमरोहा, मुरादाबाद, चंदौसी, बरेली और उन सभी जनपदों में मैंथा किसानों से मिल रही हैं और मैंथा खेती के फोटो लेकर मोबाइल एप पर अपलोड कर इसरो के अनुसंधान टीम को भेज रही है। सर्वे के बाद इसरो मैंथा की खेती की सैटेलाइट मैपिंग शुरू करेगी।
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रामपुर (ब्यूरो)। मैंथा किसानों के लिए निकट भविष्य में केंद्र सरकार कोई सौगात देने वाली है। शायद इसीलिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मैंथा की खेती की सैटेलाइट मैपिंग करने जा रहा है। सैटेलाइट मैपिंग के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से जुड़े स्पाइसेस बोर्ड के फील्ड अफसरों ने मैंथा खेती का भौगोलिक सर्वे शुरू कर दिया है। फील्ड अफसरों का कहना है कि किसानों को खेती के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें मैंथा प्लांट लगाने के लिए छूट भी देने का प्रावधान है।
सैटेलाइट मैपिंग के लिए रामपुर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से जुड़े स्पाइसेस बोर्ड के फील्ड अफसर दिकेश और अनीष एन ने तमाम गांवों में जाकर मैंथा की खेती को देखा। किसानों से बातचीत भी की। स्पाइसेस बोर्ड के फील्ड अफसरों के साथ स्पाइसेस बोर्ड के सदस्य ताज मोहम्मद, उद्यान विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक राधेश्याम शर्मा भी मौजूद रहे। स्पाइसेस बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर जोनजो वर्गीश ने बताया कि इसरो ने हमें मैंथा की खेती के लिए सर्वे का काम सौंपा है। इसरो की ओर से हमें एक मोबाइल एप्लीकेशन प्रोबाइड की गई है। हमारी टीम बदायूं, संभल, अमरोहा, मुरादाबाद, चंदौसी, बरेली और उन सभी जनपदों में मैंथा किसानों से मिल रही हैं और मैंथा खेती के फोटो लेकर मोबाइल एप पर अपलोड कर इसरो के अनुसंधान टीम को भेज रही है। सर्वे के बाद इसरो मैंथा की खेती की सैटेलाइट मैपिंग शुरू करेगी।
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