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Shimla: नगर निगम कर्मचारियों समेत 15 लोगों के ढारों पर चला वन विभाग का डंडा
Wed, 30 Nov 2022 10:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Nov 2022 10:34 AM IST
सार
विभाग ने शहरभर में अभियान चलाकर वन भूमि पर खड़े किए गए 15 अवैध निर्माणों को गिरा दिया है। कई लोगों को नोटिस थमाए गए हैं।
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हिमाचल वन विभाग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिमला में वन भूमि पर कब्जा कर रातोंरात अवैध निर्माण कर मकान बना रहे लोगों पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने शहरभर में अभियान चलाकर वन भूमि पर खड़े किए गए 15 अवैध निर्माणों को गिरा दिया है। कई लोगों को नोटिस थमाए गए हैं। अवैध निर्माण करने वालों में नगर निगम के भी कुछ कर्मचारी शामिल हैं। इनके बनाए कच्चे मकानों और ढारों को भी विभाग ने तोड़ा है। विभाग के अनुसार शहर में कई जगह वन भूमि पर अवैध रूप से कई लोगों ने ढारे बना दिए थे। वहीं कई लोग इन ढारों की आड़ में ईंट से पक्की दीवारें तक बना रहे थे।
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अब लेंटर डालने का काम चल रहा था। इन्हें अवैध निर्माण तोड़ने को कहा गया, लेकिन जब नहीं मानें तो वन विभाग को खुद मजदूर लेकर निर्माण तोड़ना पड़ा। सबसे ज्यादा कैथू में आधा दर्जन अवैध कच्चे मकान और ढारे तोड़े गए हैं। नगर निगम कार्यालय में तैनात कुछ कर्मचारियों के ढारे भी यहां बने थे। विभाग ने नोटिस जारी कर इन्हें तोड़ने के निर्देश दिए थे। लेकिन यह कर्मचारी नहीं माने। यह उल्टा नगर निगम का रौब दिखाने लगे। विभाग ने इन पर भी हथौड़ा चलाया है। वहीं बचे हुए ढारों में रह रहे लोगों को नोटिस जारी कर दो दिन में खाली करने को कहा है। इन लोगों ने कोई ठिकाना न होने की बात कहकर दो दिन की मोहलत ली है। सोमवार और मंगलवार दो दिन चली इस कार्रवाई के दौरान कैथू, फागली और लक्कड़ बाजार क्षेत्र में सात अवैध निर्माण को तोड़ा गया है। आठ निर्माण कुछ दिन पहले तोड़े हैं।
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नगर निगम सिर्फ नोटिस देने तक सीमित
शहर में वन विभाग की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। आम शहरवासी विभाग की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं। इनका कहना है कि नगर निगम भी यदि ऐसी सख्ती करे तो शहर में अवैध निर्माण रुक सकता है। लेकिन निगम सिर्फ नोटिस देने तक सीमित है। बीते एक साल में निगम ने अवैध निर्माण पर एक बार भी हथौड़ा नहीं चलाया है। लोगों का कहना है कि वन विभाग तोड़े गए ढारों पर नजर रखें ताकि यहां दोबारा से अवैध निर्माण न हो। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वह वन भूमि पर निर्माण न करें। वन भूमि पर किया गया निर्माण कभी नियमित नहीं माना जाएगा। इस पर कार्रवाई होगी।
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शहर में कुछेक जगह वन भूमि पर अवैध निर्माण मिला था। नियमानुसार इस पर कार्रवाई की गई है। आने वाले दिनों में भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई जारी रहेगी।-अनीता भारद्वाज, डीएफओ शिमला