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गारबेज फीस बढ़ाने पर भड़के लोग, पार्षद का घेराव
Updated Fri, 09 Mar 2018 11:37 PM IST
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कई गुणा बढ़ा दी गारबेज फीस, पार्षद का घेराव
बालूगंज में भड़के लोग, पार्षद से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में व्यावसायिक संस्थानों की गारबेज कलेक्शन फीस कई गुणा बढ़ाए जाने से नाराज लोग अब पार्षदों का घेराव करने लगे हैं। शुक्रवार को बालूगंज में स्थानीय लोगों ने पार्षद किरण बावा का घेराव किया।
लोगों ने पूछा कि जब कोर्ट ने व्यावसायिक संस्थानों में गारबेज कलेक्शन की फीस दोगुना करने के निर्देश दिए थे तो फिर निगम ने कैसे इसे तीन से चार गुणा तक बढ़ा दिया? निगम ने जब इसका प्रस्ताव पारित किया तो पार्षद ने इसका विरोध क्यों नहीं किया? लोगों ने पार्षद को फिर से इस मामले को सदन में उठाने की मांग की। लोगों के आक्रोश के बीच पार्षद नगर निगम पहुंचीं। यहां मेयर कुसुम सदरेट से इस मामले पर चर्चा की। इस दौरान पार्षद आरती चौहान, आशा शर्मा, पूर्ण मल, विदुशी शर्मा पहुंच गए। पार्षद विदुशी शर्मा ने कहा कि लोग बाकायदा हस्ताक्षर कर उन्हें फीस कम करने का दबाव डाल रहे हैं। मेयर ने कहा कि नए रेट बाकायदा उस कमेटी ने तय किए हैं जो कोर्ट के निर्देशों पर बनाई थी। इसमें पार्षद, होटलियर, कारोबारी और आम जनता के प्रतिनिधि शामिल थे। इनकी रिपोर्ट ही सदन में रखी थी और इसे सदन में पास भी किया जा चुका है।
मालरोड और चक्कर में एक समान वसूली क्यों?
पार्षद ने कहा कि स्कूलों, ढाबों और कुछ दुकानों के रेट डबल की बजाय चार गुणा तक बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा जो होटल मालरोड पर हैं और दूसरा चक्कर में, दोनों से कैसे बराबर शुल्क लिया जा सकता है। दोनों की कमाई में दिन-रात का फर्क है। कहा कि सदन में सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं के रेट पर चर्चा हुई, बाकी श्रेणियों पर कोई चर्चा नहीं की गई है। बाकी पार्षदों ने भी दोबारा से सदन में इस प्रस्ताव पर चर्चा की बात कही।
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अधिकारियों से करेंगे बात
सदन से पास हो चुके इस प्रस्ताव पर दोबारा चर्चा हो सकती है या नहीं, इस बारे में विधि अधिकारियों से बात करेंगे।
कुसुम सदरेट, मेयर नगर निगम
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बालूगंज में भड़के लोग, पार्षद से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में व्यावसायिक संस्थानों की गारबेज कलेक्शन फीस कई गुणा बढ़ाए जाने से नाराज लोग अब पार्षदों का घेराव करने लगे हैं। शुक्रवार को बालूगंज में स्थानीय लोगों ने पार्षद किरण बावा का घेराव किया।
लोगों ने पूछा कि जब कोर्ट ने व्यावसायिक संस्थानों में गारबेज कलेक्शन की फीस दोगुना करने के निर्देश दिए थे तो फिर निगम ने कैसे इसे तीन से चार गुणा तक बढ़ा दिया? निगम ने जब इसका प्रस्ताव पारित किया तो पार्षद ने इसका विरोध क्यों नहीं किया? लोगों ने पार्षद को फिर से इस मामले को सदन में उठाने की मांग की। लोगों के आक्रोश के बीच पार्षद नगर निगम पहुंचीं। यहां मेयर कुसुम सदरेट से इस मामले पर चर्चा की। इस दौरान पार्षद आरती चौहान, आशा शर्मा, पूर्ण मल, विदुशी शर्मा पहुंच गए। पार्षद विदुशी शर्मा ने कहा कि लोग बाकायदा हस्ताक्षर कर उन्हें फीस कम करने का दबाव डाल रहे हैं। मेयर ने कहा कि नए रेट बाकायदा उस कमेटी ने तय किए हैं जो कोर्ट के निर्देशों पर बनाई थी। इसमें पार्षद, होटलियर, कारोबारी और आम जनता के प्रतिनिधि शामिल थे। इनकी रिपोर्ट ही सदन में रखी थी और इसे सदन में पास भी किया जा चुका है।
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मालरोड और चक्कर में एक समान वसूली क्यों?
पार्षद ने कहा कि स्कूलों, ढाबों और कुछ दुकानों के रेट डबल की बजाय चार गुणा तक बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा जो होटल मालरोड पर हैं और दूसरा चक्कर में, दोनों से कैसे बराबर शुल्क लिया जा सकता है। दोनों की कमाई में दिन-रात का फर्क है। कहा कि सदन में सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं के रेट पर चर्चा हुई, बाकी श्रेणियों पर कोई चर्चा नहीं की गई है। बाकी पार्षदों ने भी दोबारा से सदन में इस प्रस्ताव पर चर्चा की बात कही।
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अधिकारियों से करेंगे बात
सदन से पास हो चुके इस प्रस्ताव पर दोबारा चर्चा हो सकती है या नहीं, इस बारे में विधि अधिकारियों से बात करेंगे।
कुसुम सदरेट, मेयर नगर निगम