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बैटरी उद्योग से प्रदूषण की जांच करने पहुंची कमेटी, मिट्टी-पानी के लिए सैंपल
Updated Sun, 09 Jul 2017 11:15 PM IST
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नालागढ़ (सोलन)। बैटरी उद्योग से प्रदूषण होने और मवेशियों की मौत मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। उच्च न्यायालय की ओर से गठित जांच समिति ने रविवार को हांडाखुंडी में बैटरी उद्योग का दौरा किया। इस दौरान टीम ने विभिन्न स्थानों से मिट्टी व पानी के सैंपल उठाए। टीम में न्यायालय की ओर से नियुक्त अधिवक्ता श्रेया चौहान को ग्रामीणों ने फुजीकावा कंपनी से होने वाले प्रदूषण के बारे में अवगत करवाया। इस दौरान टीम की ओर से उद्योग व उसके साथ लगते नाले व मिट्टी के सैंपल लिए गए। उन्होंने बताया कि इसकी रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में पेश की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह कई बार इस उद्योग के प्रदूषण को लेकर कई बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन विभागों की ओर से कार्रवाई न करने के कारण न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है।
ग्रामीणों ने इस उद्योग से हो रहेप्रदूषण को लेकर शनिवार से ग्राम पंचायत सनेड़ व आसपास के क्षेत्र में गांव बचाओ पोस्टर अभियान भी शुरू किया है। एसडीएम नालागढ़ आशुतोष गर्ग ने बताया कि टीम ने बैटरी उद्योग का निरीक्षण किया और कई स्थानों से पानी के कुछ सैंपल भरे। कुछ सैंपल सोमवार को लिये जाएंगे।
हांडाखुंडी में चल रहे बैटरी उद्योग के कारण ग्रामीणों ने प्रदूषण की शिकायत उच्च न्यायालय में की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि उद्योग से निकलने वाले दूषित कचरे से पानी व मिट्टी दूषित हो रहे हैं। इसकी चपेट में आने से उनके मवेशियों की मौत हो रही है और ग्रामीणों को भी गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। उसके बाद उच्च न्यायालय ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया है।
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न्यायालय के समक्ष पेश होगी रिपोर्ट : टीम
टीम में न्यायालय की ओर से श्रेया चौहान, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निशी गोयल, प्रदूषण बोर्ड के सचिव संजय सूद, कंपनी प्रबंधन की ओर से अधिवक्ता के अलावा एसडीएम नालागढ़ आशुतोष गर्ग मौजूद थे। टीम ने मौके पर ग्रामीणों के सवालों का भी उचित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो भी सैंपल व रिपोर्ट जुटाई गई है उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
सैंपल भरने से संतुष्ट नहीं हुए ग्रामीण
ग्रामीणों प्रभजीत पम्मी, वीरबल, कर्मी देवी, लक्ष्मी देवी, लज्या देवी, रंजना देवी, ओम प्रकाश, रामनंद, भारती, नरेश, सुदेश, विक्की, सुरेंद्र, शिवराम, जीतराम, राधाकृष्ण, नरेश, प्यारा लाल, कमल, भागो देवी, रामनाथ ने आरोप लगाते हुआ कहा कि कंपनी प्रबंधन को सैंपल लेने वाली टीम के बारे में पूरी जानकारी थी। उन्होंने कहा कि उद्योग में पिछले कई दिनों से काम बंद है। ऐसे में सैंपल लेना उपयुक्त नहीं है। उद्योग में पिछले कई दिनों से साफ-सफाई का कार्य चला हुआ है। उन्होंने न्यायालय से मांग की कि दोबारा प्रदूषण नियंत्रण की टीम भेजी जाए और औचक निरीक्षण कर सैंपल भरे जाएं।
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ग्रामीणों ने इस उद्योग से हो रहेप्रदूषण को लेकर शनिवार से ग्राम पंचायत सनेड़ व आसपास के क्षेत्र में गांव बचाओ पोस्टर अभियान भी शुरू किया है। एसडीएम नालागढ़ आशुतोष गर्ग ने बताया कि टीम ने बैटरी उद्योग का निरीक्षण किया और कई स्थानों से पानी के कुछ सैंपल भरे। कुछ सैंपल सोमवार को लिये जाएंगे।
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हांडाखुंडी में चल रहे बैटरी उद्योग के कारण ग्रामीणों ने प्रदूषण की शिकायत उच्च न्यायालय में की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि उद्योग से निकलने वाले दूषित कचरे से पानी व मिट्टी दूषित हो रहे हैं। इसकी चपेट में आने से उनके मवेशियों की मौत हो रही है और ग्रामीणों को भी गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। उसके बाद उच्च न्यायालय ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया है।
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न्यायालय के समक्ष पेश होगी रिपोर्ट : टीम
टीम में न्यायालय की ओर से श्रेया चौहान, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निशी गोयल, प्रदूषण बोर्ड के सचिव संजय सूद, कंपनी प्रबंधन की ओर से अधिवक्ता के अलावा एसडीएम नालागढ़ आशुतोष गर्ग मौजूद थे। टीम ने मौके पर ग्रामीणों के सवालों का भी उचित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो भी सैंपल व रिपोर्ट जुटाई गई है उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
सैंपल भरने से संतुष्ट नहीं हुए ग्रामीण
ग्रामीणों प्रभजीत पम्मी, वीरबल, कर्मी देवी, लक्ष्मी देवी, लज्या देवी, रंजना देवी, ओम प्रकाश, रामनंद, भारती, नरेश, सुदेश, विक्की, सुरेंद्र, शिवराम, जीतराम, राधाकृष्ण, नरेश, प्यारा लाल, कमल, भागो देवी, रामनाथ ने आरोप लगाते हुआ कहा कि कंपनी प्रबंधन को सैंपल लेने वाली टीम के बारे में पूरी जानकारी थी। उन्होंने कहा कि उद्योग में पिछले कई दिनों से काम बंद है। ऐसे में सैंपल लेना उपयुक्त नहीं है। उद्योग में पिछले कई दिनों से साफ-सफाई का कार्य चला हुआ है। उन्होंने न्यायालय से मांग की कि दोबारा प्रदूषण नियंत्रण की टीम भेजी जाए और औचक निरीक्षण कर सैंपल भरे जाएं।