फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   दमघोटू माहौल में डिग्गियों में ठूंसे जा रहे बच्चे

दमघोटू माहौल में डिग्गियों में ठूंसे जा रहे बच्चे

Mon, 26 Mar 2018 10:55 PM IST
Updated Mon, 26 Mar 2018 10:55 PM IST
विज्ञापन
दमघोटू माहौल में डिग्गियों में ठूंसे जा रहे बच्चे
विश्वास भारद्वाज
विज्ञापन

समय : दोपहर 2:00 बजे, स्थान : सेंट एडवर्ड स्कूल।
प्राइमरी सेक्शन की छुट्टी के बाद बच्चे गेट से बाहर निकल रहे हैं। बच्चों के इंतजार में अभिभावकों गेट के बाहर खड़े हैं। स्कूल के बाहर सर्कुलर रोड के किनारे कतार में निजी गाड़ियां और स्कूल टैक्सियां खड़ी हैं। अवैध रूप से खड़ी इन गाड़ियों ने आधी सड़क कब्जा रखी है, जिसके कारण सर्कुलर रोड पर बार बार जाम की स्थिति बन रही है। स्कूल के बाहर पुलिस का एक भी कर्मी तैनात नहीं है। जिला प्रशासन के आदेशों की अवहेलना कर स्कूल के बाहर ट्रैफिक वार्डन तक तैनात नहीं किए गए हैं। एडवर्ड स्कूल के बाहर बच्चों की सुरक्षा के लिए अध्यापक तैनात नही है। स्कूल गेट पर अव्यवस्था का आलम है। भगदड़ के चलते किसी बच्चे की पानी की बोतल तो किसी का स्कूल बैग गिर रहा है।
समय दोपहर 2:20 बजे, एक पुलिस कर्मी स्कूल के बाहर पहुंचा है और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस कर्मी के सामने ही छह सीटर स्कूल टैक्सी में जबरन 12 से 15 बच्चे लादे जा रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद स्कूल टैक्सियों की डिग्गियों में अवैध तरीके से सीटें लगा कर जबरन बच्चे बैठाए जा रहे हैं। समय 2:35 बजे, टिंबर हाउस बस स्टॉप पर एचआरटीसी की दो स्कूल बसें खड़ी हैं। दोनों बसों में क्षमता से दुगने बच्चे बैठाए गए हैं। बस स्टॉप पर जगह तंग होने के कारण यात्रियों को बसों में चढ़ने उतरने में भारी दिक्कत पेश आ रही है।
विज्ञापन

---
सेंट एडवर्ड के प्रधानाचार्य फादर अनिल से सीधे सवाल
सवाल : स्कूल के बाहर ट्रैफिक वार्डन तैनात क्यों नहीं किए गए हैं?
जवाब : पिछले कई सालों से स्कूल के बाहर ट्रैफिक वार्डन लगाए जा रहे थे, लेकिन पुलिस के सहयोग के बिना वार्डन कुछ नहीं कर सकते। पिछले कई दिनों से स्कूल के बाहर पुलिस ही नहीं आ रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
सवाल : बच्चों को गेट से बाहर छोड़ने के लिए अध्यापकों की तैनाती क्यों नहीं है?
जवाब : हर कक्षा के साथ एक अध्यापक की ड्यूटी लगाई गई है। सहयोगी स्टॉफ के छह सदस्यों को भी व्यवस्था बनाने के लिए तैनात किया गया है। अगर अव्यवस्था है तो अतिरिक्त स्टॉफ तैनात होगा।
---
सवाल : स्कूल टैक्सी और स्कूल बसों में भारी ओवरलोडिंग क्यों हो रही है?
जवाब : स्कूल टैक्सी और बसों में ओवरलोडिंग को लेकर कार्रवाई के लिए प्रशासन को अवगत करवाया गया है, हैरानी की बात यह है कि सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
---
सवाल : अन्य स्कूलों की तरह आपके स्कूल के भीतर वाहनों की एंट्री की व्यवस्था क्यों नहीं है?
जवाब : हम भी चाहते हैं कि स्कूल टैक्सी, बसें कैंपस के भीतर आएं। इसके लिए सभी एजेंसियों से आग्रह किया है लेकिन हमें अनुमति नहीं दी जा रही। हमारा ग्राउंड भी सड़क से दूर है।

---
सवाल : एक बच्चे को लेने एक एक गाड़ी स्कूल पहुंच रही है, स्कूल जागरूक क्यों नहीं कर रहा?
जवाब : अभिभावक को जागरूक करने के लिए मेसेज भेजे जा रहे हैं। क्षेत्रवार बच्चों की सूचियां भी बनाई गई है। एचआरटीसी से अतिरिक्त बसें लेने का भी प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed