सड़क के लिए धरना न आंदोलन, 124 किमी पैदल मार्च पर निकले ग्रामीण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने हक के लिए चूड़धार की तलहटी में बसे एक गांव और अन्य बस्तियों के ग्रामीणों ने एक अनोखा रास्ता अपनाया है। इसमें किसी तरह का न कोई विरोध है और न ही कोई आंदोलन। महज सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रविवार को प्रदेश की राजधानी के लिए पैदल ही कूच किया। डेढ़ दर्जन लोग 124 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को तीन दिन में पूरा करेंगे। उद्देश्य सिर्फ एक गांव को सड़क सुविधा से जोड़ना।
गांव-गांव को जीवन रेखाओं से जोड़ने के दावे करने वाली सरकार और सरकारी तंत्र को गहरी नींद से जगाकर गांव के लिए सड़क की मांग करना ही लोगों का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए चाबधार के लोगों ने मांग को पूरा करवाने के लिए पैदल ही सफर तय करने की ठानी। चाबधार गांव चूड़धार की तलहटी में बसा है। इस गांव के आसपास कई छोटी बस्तियां भी हैं। गांव और बस्तियों की आबादी 1200 के करीब है, जहां 250 परिवार निवास कर रहे हैं।
नौहराधार से चाबधार पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई पैदल चढ़कर लगभग दो घंटे का समय लगता है। यदि रोजमर्रा जरूरत के सामान को पीठ पर लादकर घर पहुंचाना हो तो समय और ज्यादा लगेगा। इस गांव के लिए पैदल चलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। लोगों को राशन और भवन सामग्री भी पीठ पर उठाकर ले जानी पड़ती है। वहीं, परिवार में बीमार किसी मरीज को सड़क तक पहुंचाने के लिए यहां से चारपाई ही नसीब होती है।
सड़क, बिजली और पानी की भी समस्या
चाबधार निवासी जितेंद्र चौहान, तपेंद्र सिंह, दिलावर सिंह, शमशेर सिंह, कमल नयन चौहान, मोहन सिंह हरिचंद और मोहनलाल आदि ने बताया कि 2002 में तत्काल सांसद धनीराम शांडिल ने नौहराधार से चाबधार तक करीब आठ किलोमीटर लंबी सड़क का शिलान्यास किया था। वीरभद्र सरकार में 40 लाख की राशि स्वीकृत हुई। 16 साल बीत जाने के बावजूद सड़क नहीं बन पाई।
उन्होंने कहा कि चाबधार के लोगों के साथ सभी सरकारें सौतेला व्यवहार करती आई हैं। चाबधार और आसपास की बस्तियों में विद्युत व पेयजल व्यवस्था भी चरमराई हुई है। पानी करीब एक किलोमीटर दूर से ढोकर लाना पड़ रहा है। बिजली के खंभों में तार हवा से लटक रहे हैं। कई स्थानों पर बिजली के तार पेड़ों से बंधे हैं।
कई जगह सर्विस वायर जमीन पर बिछी है, जिससे करंट लगने का हमेशा खतरा बना रहता है। रेणुका के विधायक विनय कुमार ने बताया कि नौहराधार से चाबधार सड़क विधायक की प्राथमिकता में है। करीब आठ किलोमीटर सड़क का दो करोड़ का प्राक्कलन उनके कार्यकाल में तैयार हुआ। वह इस सड़क के लिए प्रयासरत हैं।