{"_id":"5c59c6d2bdec22737830290c","slug":"11549387474-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में स्वाइन फ्लू से 33 लोग ग्रसित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में स्वाइन फ्लू से 33 लोग ग्रसित
Wed, 06 Feb 2019 11:33 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 06 Feb 2019 11:33 AM IST
विज्ञापन
जिला शिमला में 33 लोग स्वाइन फ्लू से ग्रसित हैं। इन लोगों का स्वास्थ्य विभाग इलाज कर रहा है। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त देवाश्वेता बनिक ने दी। उन्होंने बताया कि जिला शिमला में स्वाइन फ्लू को रोकने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लोगों से आग्रह किया कि शुरुआती लक्षणों को देखकर तुरंत अपना उपचार शुरू करवाएं। बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वाइन फ्लू का उपचार हो रहा है और आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। देवाश्वेता बनिक ने बताया कि कोई भी व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए सोमवार से शनिवार तक सुबह नौ बजे से सायं छह बजे तक हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क कर सकता है।
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू का बचाव और उपचार दोनों संभव है। यह रोग इन्फ्लूएंजा एच 1 एन 1 वायरस से होता है। इसके लक्षण तेज बुखार 101 से अधिक, खांसी बलगम, गला सूखना, नाक बहना, सर दर्द, बदन दर्द, थकान, सांस लेने में कठिनाई, दस्त और उल्टी होना है। गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों, मधुमेह, दमा आदि रोग से पीड़ित व्यक्तियों को स्वाईन फ्लू होने का ज्यादा खतरा होता है। इस रोग से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है, क्योंकि रोगियों को यह रोग जल्दी अपनी चपेट में लेता है। स्वाइन फ्लू को रोकने के लिए लोगों को खांसते, छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल से ढककर रखना चाहिए। व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। हाथों को साबुन से धोकर स्वच्छ रखना चाहिए, खुले में थूकने से परहेज करना चाहिए और भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए।
विज्ञापन