गुलाब जामुन और रसगुल्ले के बर्तनों में मिली मक्खियां
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शहर में मिठाई की दुकान चलाने वाले कुछ कारोबारी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। इसका खुलासा मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की टीम की छापामारी में हुआ। टीम ने छोटा शिमला, देवनगर और पंथाघाटी में कई दुकानों में निरीक्षण किया। इसमें कारोबारी नियमों को दरकिनार कर खाद्य पदार्थ बेचते पाए गए हैं।
पंथाघाटी में एक मिठाई की दुकान के रसोई घर में गुलाब जामुन और रसगुल्ले जिन बर्तनों में रखे गए थे उन बर्तनों में मक्खियां भी मरी पड़ी मिली हैं। विभाग ने कारोबारी से जब इस बारे पूछा तो वह मौके पर कोई जवाब नहीं दे पाया। इसी तरह छोटा शिमला स्थित रेस्तरां और मिठाई की दुकानों की हालत भी दयनीय पाई गई है। निरीक्षण में सामने आया है कि रसोई घर में साफ सफाई नहीं थी।
इसके चलते खाद्य पदार्थों में संक्रमण फैलने का खतरा भी है। इसके अलावा कामगारों के नाखूनों में भारी गंदगी मिली है। छतों पर जमी गंदगी की पपड़ी नीचे रखे बर्तनों में गिर रही थी। वहीं देवनगर में बिना पंजीकरण के चल रहा एक ढाबा पकड़ा गया है। जांच टीम में फूड सेफ्टी विभाग की सहायक आयुक्त डॉ. विजया और फूड सेफ्टी ऑफिस से डॉ. मंगला शामिल रहीं।
पांच दुकानों को जारी हुए हैं नोटिस
फूड सेफ्टी विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. विजया ने कहा कि विभाग की टीम ने शहर में कुल आठ दुकानों का निरीक्षण किया है। इनमें पांच संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। सभी संचालकों को चौदह दिन के भीतर जवाब देना होगा। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर जुर्माना लगाकर मामले को कोर्ट भेजा जाएगा।
बच्चों को बेच दिया ओवरडेटिड जूस
देवनगर के पास एक दुकानदार ने स्कूली बच्चों को ओवरडेटिड जूस बेच दिया था। बच्चों ने जूस की बोतल पर अंकित तिथि देखकर इस बाबत कारोबार के समक्ष आपत्ति जताई थी। लेकिन दुकानदार ने बोतल वापस नहीं ली।
इसी बीच एक जागरूक व्यक्ति ने इसकी शिकायत विभाग को कर दी थी। इसमें बताया था कारोबारी ओवरडेटिड जूस बेचा जा रहा है। मंगलवार को टीम मौके पर गई और संबंधित दुकानदार को ऐसा जूस वापस कंपनी को भेजने के निर्देश दिए।