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बिना टाइम टेबल, रूट के अड्डे में दाखिल हो रही बसें
Updated Thu, 08 Feb 2018 10:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्थानीय बस अड्डे में साठ सेंकड में एक बस दाखिल हो रही है। सुबह आठ से रात के आठ बजे तक करीब आठ सौ बसें बस अड्डे पर पहुंच रही हैं। इनमें साढ़े चार सौ के करीब सरकारी बसें हैं और साढ़े तीन सौ के करीब प्राइवेट बसें हैं। यह बसें रूटीन में कई कई बार स्थानीय बस अड्डे पर आती हैं और जब यह बस अड्डे की तरफ मुड़ती है उस समय जगह कम होने की वजह से यहां ट्रै्फिक जाम लग जाता है जो पूरे सर्कुलर रोड को प्रभावित करता है। शिमला पुलिस के सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है अब प्रशासन ने हिमाचल पथ परिवहन निगम से इन बसों का पूरा विवरण मांगा है। जिसमें इन बसों का टाइम टेबल और रूट परमिट के बारे में जानकारी मांगी गई है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि अधिकांश बसें टाइम टेबल और रूट न होने के बावजूद भी बस अड्डे पर आ रही हैं। बसों की इतनी भीड़ ही ट्रैफिक जाम का मुख्य कारण है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि अगर टाइम टेबल के मुताबिक ही बसें अड्डे पर आए तो इनकी संख्या आधी रह जाएंगी और जिससे शहर में ट्रैफिक को सुचारुरखने में पूरी मदद मिलेगी। लिहाजा पुलिस ने प्राइवेट बसों का रिकार्ड परिवहन विभाग से मांगा है और पथ परिवहन निगम अपनी बसों का रिकार्ड पुलिस को उपलब्ध करवाएंगे।
सूत्र बताते हैं कि रिकॉर्ड जांचने के बाद पुलिस केवल उन्हीं बसों को अड्डे में जाने देगी। जिसका उस वक्त टाइम टेबल होगा और जो बस अपने रूट पर होगी। इसमें चाहे सरकारी बस ही क्यों न हो। बताते चले कि शहर में ट्रैफिक की समस्या से रोजाना हजारों लोग परेशान हो रहे हैं। आम जनता गंतव्य तक देरी से पहुंच रही है। समस्या का समाधान करने के लिए बीते सप्ताह जिला प्रशासन ने उपायुक्त की अध्यक्षता में एक बैठक कर चुका है। बैठक में पुलिस प्रशासन ने अपना पक्ष रखा कि स्थानीय बस अड्डे पर बसों की वजह से भी ट्रैफिक जाम लगना एक अहम वजह है। इसी को आधार बनाकर जब पुलिस प्रशासन ने सर्वे किया तो पता चला कि रोजाना आठ सौ बसें अड्डे से अंदर बाहर हो रही हैं। इस मामले में उपायुक्त अमित कश्यप कह चुके हैं कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दरूस्त करने के लिए संबंधित विभागों से सुझाव मांग कर उस पर अमल किया जाएगा ताकि आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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उधर , डीएसपी ट्रैफिक चमन लाल ने कहा कि लोकल बस अड्डे में बसों की वजह से ट्रैफिक जाम लग रहा है। इसका पूरा विवरण एकत्रित किया जा रहा है।
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शिमला। स्थानीय बस अड्डे में साठ सेंकड में एक बस दाखिल हो रही है। सुबह आठ से रात के आठ बजे तक करीब आठ सौ बसें बस अड्डे पर पहुंच रही हैं। इनमें साढ़े चार सौ के करीब सरकारी बसें हैं और साढ़े तीन सौ के करीब प्राइवेट बसें हैं। यह बसें रूटीन में कई कई बार स्थानीय बस अड्डे पर आती हैं और जब यह बस अड्डे की तरफ मुड़ती है उस समय जगह कम होने की वजह से यहां ट्रै्फिक जाम लग जाता है जो पूरे सर्कुलर रोड को प्रभावित करता है। शिमला पुलिस के सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है अब प्रशासन ने हिमाचल पथ परिवहन निगम से इन बसों का पूरा विवरण मांगा है। जिसमें इन बसों का टाइम टेबल और रूट परमिट के बारे में जानकारी मांगी गई है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि अधिकांश बसें टाइम टेबल और रूट न होने के बावजूद भी बस अड्डे पर आ रही हैं। बसों की इतनी भीड़ ही ट्रैफिक जाम का मुख्य कारण है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि अगर टाइम टेबल के मुताबिक ही बसें अड्डे पर आए तो इनकी संख्या आधी रह जाएंगी और जिससे शहर में ट्रैफिक को सुचारुरखने में पूरी मदद मिलेगी। लिहाजा पुलिस ने प्राइवेट बसों का रिकार्ड परिवहन विभाग से मांगा है और पथ परिवहन निगम अपनी बसों का रिकार्ड पुलिस को उपलब्ध करवाएंगे।
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सूत्र बताते हैं कि रिकॉर्ड जांचने के बाद पुलिस केवल उन्हीं बसों को अड्डे में जाने देगी। जिसका उस वक्त टाइम टेबल होगा और जो बस अपने रूट पर होगी। इसमें चाहे सरकारी बस ही क्यों न हो। बताते चले कि शहर में ट्रैफिक की समस्या से रोजाना हजारों लोग परेशान हो रहे हैं। आम जनता गंतव्य तक देरी से पहुंच रही है। समस्या का समाधान करने के लिए बीते सप्ताह जिला प्रशासन ने उपायुक्त की अध्यक्षता में एक बैठक कर चुका है। बैठक में पुलिस प्रशासन ने अपना पक्ष रखा कि स्थानीय बस अड्डे पर बसों की वजह से भी ट्रैफिक जाम लगना एक अहम वजह है। इसी को आधार बनाकर जब पुलिस प्रशासन ने सर्वे किया तो पता चला कि रोजाना आठ सौ बसें अड्डे से अंदर बाहर हो रही हैं। इस मामले में उपायुक्त अमित कश्यप कह चुके हैं कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दरूस्त करने के लिए संबंधित विभागों से सुझाव मांग कर उस पर अमल किया जाएगा ताकि आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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उधर , डीएसपी ट्रैफिक चमन लाल ने कहा कि लोकल बस अड्डे में बसों की वजह से ट्रैफिक जाम लग रहा है। इसका पूरा विवरण एकत्रित किया जा रहा है।