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अनशन छोड़ कक्षाओं में लौटें छात्र
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने डीआईएस (डिपार्टमेंट एंड इंटर डिस्पलेनरी स्टडीज) के आंदोलनरत छात्रों से अनशन छोड़ कर कक्षाओं में लौटने की अपील की है। कुलपति ने बयान में कहा कि छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। विवि के लिए छात्र हित सर्वोपरि है। उनकी मांगों को पूरा करने के लिए विवि और वह व्यक्तिगत तौर पर पूरे प्रयास कर रहे हैं। कहा कि तीस लाख की राशि खर्च कर क्लासरूम का निर्माण कार्य अगले दस दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। तब तक कक्षाएं लगाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
स्नातकोत्तर दृष्य कला (एमएफए) कोर्स की कक्षाओं के लिए भी कमरा चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि संकाय (फैकल्टी ऑफ एनवायरनमेंट डेवलपमेंट एंड सस्टेनेबल स्टडीज) स्थापना और उसे विवि के स्टेटयूट में शामिल करने के मामले के प्रस्ताव को राज्यपाल एवं विवि के चांसलर को भेज दिया गया है। अनुमोदन होते ही उसे लागू किया जाएगा। इससे छात्रों की सारी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय ने इस समस्या को सुलझाने के लिए अधिष्ठाता अध्ययन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। कमेटी छात्रों से बात कर रही है। समिति में अधिष्ठाता छात्र कल्याण, अधिष्ठाता महाविद्यालय विकास परिषद, कुलसचिव, मुख्य सुरक्षा अधिकारी तथा समन्वयक, निदेशक, एकीकृत हिमालयन अध्ययन केंद्र (आईआईएचएस) शामिल हैं जो इस समस्या का समाधान करेंगे।
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शिमला।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने डीआईएस (डिपार्टमेंट एंड इंटर डिस्पलेनरी स्टडीज) के आंदोलनरत छात्रों से अनशन छोड़ कर कक्षाओं में लौटने की अपील की है। कुलपति ने बयान में कहा कि छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। विवि के लिए छात्र हित सर्वोपरि है। उनकी मांगों को पूरा करने के लिए विवि और वह व्यक्तिगत तौर पर पूरे प्रयास कर रहे हैं। कहा कि तीस लाख की राशि खर्च कर क्लासरूम का निर्माण कार्य अगले दस दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। तब तक कक्षाएं लगाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
स्नातकोत्तर दृष्य कला (एमएफए) कोर्स की कक्षाओं के लिए भी कमरा चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि संकाय (फैकल्टी ऑफ एनवायरनमेंट डेवलपमेंट एंड सस्टेनेबल स्टडीज) स्थापना और उसे विवि के स्टेटयूट में शामिल करने के मामले के प्रस्ताव को राज्यपाल एवं विवि के चांसलर को भेज दिया गया है। अनुमोदन होते ही उसे लागू किया जाएगा। इससे छात्रों की सारी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय ने इस समस्या को सुलझाने के लिए अधिष्ठाता अध्ययन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। कमेटी छात्रों से बात कर रही है। समिति में अधिष्ठाता छात्र कल्याण, अधिष्ठाता महाविद्यालय विकास परिषद, कुलसचिव, मुख्य सुरक्षा अधिकारी तथा समन्वयक, निदेशक, एकीकृत हिमालयन अध्ययन केंद्र (आईआईएचएस) शामिल हैं जो इस समस्या का समाधान करेंगे।
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