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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   11 Years old Praful sharma will be Honoured with Bravery award.

11 साल की उम्र में रोकी खाई में जाती बस, बचाई 20 बच्चों की जान, मिलेगा वीरता पुरस्कार

Wed, 18 Jan 2017 06:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 18 Jan 2017 06:26 PM IST
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11 Years old Praful sharma will be Honoured with Bravery award.

देश के 68वें गणतंत्र दिवस के मौके पर देश भर से 25 बच्चों को निडरता, साहस और अपने प्राणों की परवाह किए बगैर दूसरों की जान बचाने का हौसला रखने पर राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनमें चार को यह सर्वोच्च सम्मान मरणोपरांत दिया जा रहा है।

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राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले इन बच्चों में 12 लड़कियां और 13 लड़के शामिल हैं। गणतंत्र  दिवस समारोह से पहले 23 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन बहादुर बच्चों से मिलने के साथ ही उन्हें राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे।
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सम्मान के रूप में इन बच्चों को मेडल, सर्टिफिकेट और कैश दिया जाएगा। इनमें हिमाचल के बहादुर बच्चे को भी सम्मानित किया जाएगा। इस बच्चे ने 20 अन्‍य बच्‍चों की जान बचाकर बहादुरी की मिसाल कायम की थी।

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बच्चों ने की शरारत, खाई की ओर जाने लगी बस

11 Years old Praful sharma will be Honoured with Bravery award.

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट स्थित बरछुआड़ निवासी प्रफुल्ल शर्मा (पौने 11 साल) अपने पिता के साथ कार और स्कूल बस में आते-जाते ब्रेक लगाते हुए देखता, जिसके चलते करीब 20 बच्चों की जिंदगी बच गयी थी।

लॉटस कांन्वेंट पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले प्रफुल्ल अपने स्कूल के बच्चों के साथ 13 दिसंबर 2015 को धर्मशाला पिकनिक पर गया था। प्रफुल्ल ने बताया कि  शिवद्वाला में बस रूकी और कुछ बच्चे व शिक्षक नीचे उतर गए।

प्रफुल्‍ल की बहादुरी ने रोकी थी खाई में जाती बस

11 Years old Praful sharma will be Honoured with Bravery award.

इसी बीच एक शरारती बच्चे ने बस की ब्रेक खींच दी। अचानक बस पीछे खाई की ओर जाने लगी। बस पीछे चलने पर बच्चे चिल्लाने लगे, लेकिन शिक्षक व ड्राइवर दूर थे। प्रफुल्ल ने बताया,  मैंने पिता व ड्राइवर को ब्रेक खींचते देखने के आधार पर ब्रेक पर पैर रख दिया और चाबी घूमा दी।

इसके चलते बस झटके से रूक गयी। महज दो मिनट में प्रफुल्ल ने करीब 20 बच्चों की जिंदगी बचाते हुए एक बड़ा हादसा होने से रोक दिया। प्रफुल्ल का सपना डाक्टर बनने का है, ताकि गरीब लोगों का इलाज मुफ्त में कर सकें।

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