कुल्लू: अग्निकांड में 11 परिवारों के घर जले, डेढ़ करोड़ का नुकसान
हिमाचल के जिला कुल्लू की सैंज घाटी के बरशांघड़ गांव में लगी भीषण आग से डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। अग्निकांड में पुजारी के घर समेत गांव के 11 परिवारों के मकान जल गए हैं। देवता हंसपुरी की धातू की मूर्ती भी जल गई।
छह परिवारों के घर राख के ढेर में तबदील हो गए हैं जबकि, पांच परिवारों के घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों की मदद को पहुंचे आसपास के ग्रामीणों ने दो दर्जन घरों की छतें उखाड़कर जलने से बचा लिया। लोगों ने पॉवर स्प्रे पंप से पानी डाला। रजाइयां-गद्दे गीले कर आग बुझाई।
जानकारी के अनुसार सैंज घाटी की अति दुर्गम पंचायत शांघड़ के कही बरशांघड़ गांव में शनिवार शाम करीब साढे़ सात बजे देवता सरूनाग के पुजारी से घर में आग लगी। इस घर में देवता का रथ व देवता हंसपुरी (धातू की मूर्ति) विराजमान थे। देखते ही देखते आग ने पूरे घर के साथ देवता के निर्माणाधीन भव्य मंदिर को चपेट में ले लिया।
पूरे गांव में चीख पुकार मच गई। अचानक भड़की ने विकराल रूप धारण कर लिया जिससे अफरातफरी का माहौल बन गया। लोगों ने देवता सरूनाग के रथ को सुरक्षित निकाल लिया लेकिन दूसरे देवता हंसपुरी की मूर्ति को नहीं बचाया जा सका। सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग का अमला आया लेकिन सड़क जीप योग्य होने से फायर टेंडर मौके पर नहीं पहुंचाया जा सका।
रात करीब दस बजे तक देवता सरू नाग का भव्य निर्माणाधीन मंदिर व छह लोगों के मकान पूरी तरह से राख हो गए। जबकि पांच अन्य घरों को नुकसान पहुंचा है। लोगों ने अपने स्तर पर आग को बुझाने का भरसक प्रयास किया। साथ लगते दूसरे गांव के लोग भी मदद को पहुंचे। घंटों मशक्कत के बाद गांव में काष्ठकुणी शैली से बने करीब दो दर्जन घरों को जलने से बचाया गया।
लोगों ने इन घरों की छतें उखाड़ीं और रजाइयां-गद्दे गीले कर आग पर डालकर भीषण लपटों को फैलने से रोका। बंजार के एसडीएम एमआर भारद्वाज अपनी टीम के साथ मौके पहुंचे और स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी के हाथों अग्निकांड प्रभावितों को दो लाख पांच हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई।
राहत राशि समेत राशन दिया
प्रशासन की ओर से माघू राम, तारा देवी, लेदराम, चुन्नी लाल, कमला देवी और लगन चंद को 30-30 हजार रुपये की फौरी राहत के साथ-साथ दो महीने का राशन, कंबल, तिरपाल, टेंट व अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की गई है। जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों में रहने वाले पांच परिवारों को भी पांच-पांच हजार की फौरी राहत दी गई है। इनमें ऐले राम, रोशन लाल, रमेश चंद, शेर सिंह और गोपी चंद शामिल हैं।
कड़ाके की ठंड, अफरातफरी में गुजरी रात
महेंद्र सिंह पालसरा, न्यूली कुल्लू। सैंज घाटी के बरशांगड़ गांव में भयानक आग से कोहराम मचा रहा। देर रात तक आग की लपटों में लोग अपने आशियानों को जलते देखने को मजबूर रहे। बड़ी संख्या में आग बुझाने को जुटे लोगों ने आखिरकार आग को फैलने से तो रोक लिया लेकिन, ज्यादातर ग्रामीण अग्निकांड के चलते सो नहीं पाए।
प्रभावित कुनबों के सदस्याें को तो अफरातफरी के माहौल में तिरपाल में रात गुजारनी पड़ी। शांघड़ पंचायत के पूर्व प्रधान घुंघरमल ने कहा कि गांव में करीब दो दर्जन से अधिक परिवार रहते हैं और सभी के घर काष्ठकुणी शैली के बने हैं।
ऐसे में उन्होंने पॉवर स्प्रे पंप से ही आग पर काबू पाया है। कई मकानों की छतों को उखाड़ा गया। उन्होंने कहा कि आग लगने का कारण शॉट सर्किट बताया जा रहा है। मंदिर के साथ छह परिवारों के घर राख के ढेर में तबदील हो गए। लेकिन सर्दी का मौसम शुरू होने से छह परिवारों को तरपाल के नीचे ही सर्द रातें काटनी होंगी।