{"_id":"6aab878a059a983cd9059e42","slug":"shimla-anardana-market-price-himachal-farmers-get-1200-per-kg-2026-09-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: शिमला की अनाज मंडी में महकी पहाड़ी अनारदाने की खुशबू, किसानों को मिल रहे 1,200 रुपये किलो तक दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: शिमला की अनाज मंडी में महकी पहाड़ी अनारदाने की खुशबू, किसानों को मिल रहे 1,200 रुपये किलो तक दाम
Thu, 17 Sep 2026 11:56 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:56 AM IST
सार
शिमला की अनाज मंडी में पहाड़ी अनारदाना बेचने का सीजन शुरू हो गया है। दाड़ू की कम फसल के कारण इस बार अनारदाने की आपूर्ति कम है, जिससे किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। क्वालिटी के अनुसार अनारदाना 700 से 1,000 रुपये और अधिकतम 1,200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। सोलन, शिमला और मंडी जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान अपना माल बेचने पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
शिमला की अनाज मंडी में पहुंचा अनारदाना।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
औषधीय गुणों से भरपूर और पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने वाले अनारदाने का सीजन शुरू हो गया है। राजधानी शिमला की अनाज मंडी में इन दिनों जंगली दाड़ू के दाने बेचने के लिए रोजाना दर्जनों किसान पहुंच रहे हैं। मंडी में अनारदाने की आवक शुरू होते ही कारोबारियों और किसानों के बीच खरीद-बिक्री का सिलसिला तेज हो गया है।
विज्ञापन
इस बार दाड़ू की फसल कम होने के कारण अनारदाने की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर बाजार भाव पर पड़ा है। गुणवत्ता के आधार पर किसानों को अभी 700 से 1,000 रुपये प्रति किलो तक दाम मिल रहे हैं। वहीं, अब तक अनारदाने की अधिकतम बोली 1,200 रुपये प्रति किलो तक लग चुकी है।
विज्ञापन
दिवाली तक जारी रहेगा कारोबार
आढ़तियों के अनुसार, सायर उत्सव के बाद अनारदाना लेकर मंडी पहुंचने वाले किसानों की संख्या और बढ़ सकती है। अनारदाना बेचने का यह सिलसिला दिवाली तक जारी रहने की उम्मीद है। बरसात के कारण दाड़ू के दाने सुखाने में किसानों को परेशानी हो रही है। मौसम साफ होने के बाद मंडी में आवक बढ़ने की संभावना है।
विज्ञापन
शिमला की अनाज मंडी में सोलन जिले के दाड़ला और अर्की, शिमला जिले के धामी, घणाहट्टी, दाड़गी, सुन्नी और बसंतपुर के अलावा मंडी जिले के करसोग से भी किसान अनारदाना बेचने पहुंच रहे हैं।
रोजाना सुबह लगती है बोली
मंडी में वर्तमान में करीब 8 से 10 कारोबारी अनारदाने की आढ़त का काम कर रहे हैं। किसान रोज सुबह लगभग 10 बजे से 11:30 बजे तक अपना माल लेकर पहुंचते हैं। अनारदाने की गुणवत्ता देखकर बोली लगाई जाती है और इसके बाद खरीद होती है।
बिट्टू-बंटी आढ़त के मनीष कुमार ने बताया कि इस बार फसल कम होने के कारण अनारदाना 700 से 1,000 रुपये या इससे अधिक के भाव पर बिक रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यदि बाजार में आपूर्ति बढ़ती है तो दाम कुछ कम हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल किसानों को अच्छे भाव मिलने की उम्मीद है।
पंडित शिव नंद राम चंद राजा की आढ़त के साहिल शर्मा मग्गु ने बताया कि अनारदाने की मांग बनी हुई है। बरसात के चलते किसान दाने सुखाने में परेशानी झेल रहे हैं। मौसम खुलने पर मंडी में आवक बढ़ सकती है। उनके अनुसार, अनारदाना अब तक अधिकतम 1,200 रुपये प्रति किलो तक बिका है, जबकि औसत भाव करीब 700 रुपये है।
लाल अनारदाने की सबसे अधिक कीमत
रंग और गुणवत्ता के अनुसार अनारदाने के भाव में अंतर है। मंडी में काला अनारदाना करीब 250 रुपये, सफेद अनारदाना 600 से 800 रुपये और गहरा लाल अनारदाना 1,100 से 1,200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
आढ़तियों का कहना है कि कई बार किसान सामान्य अनार और जंगली दाड़ू के अनारदाने को मिलाकर भी मंडी में ले आते हैं। हालांकि, कारोबारी दोनों के बीच का अंतर पहचान लेते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे दाड़ू का अनारदाना ग्रेड के अनुसार अलग-अलग करके ही मंडी में लाएं। आढ़तियों ने किसानों से बिचौलियों के चक्कर में पड़ने के बजाय सीधे अनाज मंडी पहुंचकर अपना माल बेचने की अपील की है। इससे उन्हें गुणवत्ता के अनुसार सही भाव मिलने की संभावना रहेगी।
रंग और गुणवत्ता के अनुसार अनारदाने के भाव में अंतर है। मंडी में काला अनारदाना करीब 250 रुपये, सफेद अनारदाना 600 से 800 रुपये और गहरा लाल अनारदाना 1,100 से 1,200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
आढ़तियों का कहना है कि कई बार किसान सामान्य अनार और जंगली दाड़ू के अनारदाने को मिलाकर भी मंडी में ले आते हैं। हालांकि, कारोबारी दोनों के बीच का अंतर पहचान लेते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे दाड़ू का अनारदाना ग्रेड के अनुसार अलग-अलग करके ही मंडी में लाएं। आढ़तियों ने किसानों से बिचौलियों के चक्कर में पड़ने के बजाय सीधे अनाज मंडी पहुंचकर अपना माल बेचने की अपील की है। इससे उन्हें गुणवत्ता के अनुसार सही भाव मिलने की संभावना रहेगी।