शिमला में गूंजेगी 108 साल पुराने इंजन की छुक- छुक
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रेलवे के 108 साल पुराने भाप के इंजन’ की छोटी सी ट्रेन शनिवार को हरी भरी वादियों में बने शिमला-कालका ट्रैक पर दौड़ेगी। स्टीम इंजन की इस दो डिब्बों की रेल को शिमला से कैथलीघाट तक करीब बाइस किलोमीटर लंबे ट्रैक पर चलाया जाएगा।
विदेशी सैलानियों के दल ने 96 हजार में यह ट्रेन बुक कराई है। इस यादगार सफर के लिए सैलानियों को 96 हजार किराया अदा करने पड़ेंगे। इंजन के साथ दो कोच लगाए जाएंगे, पहले में 22 और दूसरे में 18 सीटें होंगी।
यात्रियों के आराम को ध्यान में रखते हुए स्टीम इंजन के पीछे विशेष कोच डिजाइन किए गए हैं। कोच में सोफे की सीटें लगाई गई हैं ताकि हरी भरी वादियों और देवदार के घने जंगलों का नजारा सैलानी मजे से ले सकें।
इंजन को चलाने के लिए तीन कर्मचारियों की तैनाती की गई है। ड्राइवर इंजन स्टार्ट करेगा, फर्स्ट फायर मैन स्टीम तैयार करेगा और सेकेंड फायरमैन केबिन तक कोयला पहुंचाएगा।
शिमला से कैथलीघाट और वापस शिमला आने के लिए स्टीम इंजन में साढ़े तीन टन कोयले और 5600 लीटर पानी की खपत होगी।
पिस्टन से निकलती है ‘छुक-छुक’ की आवाज
रेल का प्रतीक मानी जाने वाली छुक-छुक की आवाज सिर्फ स्टीम इंजन से पैदा होती है। स्टीम इंजन में भाप के पिस्टन में आगे पीछे चलने और बाहर निकलने से छुक-छुक की आवाज पैदा होती है।
स्टीम से बजती है सीटी, लाइट भी जलती है
स्टीम इंजन में बजने वाली सीटी भाप के दबाव से ही बजती है। डीजल इंजन के मुकाबले स्टीम इंजन की सीटी ज्यादा तीखी और दूर तक सुनाई देने वाली होती है। इंजन में लाइट भी स्टीम से ही जलती है।
विश्व धरोहर का दर्जा पाने वाली तीसरी रेल लाइन
शिमला-कालका रेल लाइन विश्व धरोहर का दर्जा पाने वाली तीसरी रेल लाइन है। 8 जुलाई 2008 को यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर का दर्जा दिया है। दार्जिलिंग रेलवे और नीलगिरि रेलवे को भी विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है।
96 किलोमीटर में 102 सुरंगें और 800 पुल
1903 में बिछाई गई 96 किलोमीटर कालका-शिमला रेललाइन में 102 सुरंगें, 800 पुल, 919 मोड़ और 18 रेलवे स्टेशन हैं। समुद्र तल से ट्रैक की ऊंचाई 2800 फुट से लेकर 7 हजार फुट है।
स्टीम इंजन का इतिहास
-108 साल पुराना है केसी-520 स्टीम लोकोमोटिव इंजन
-1905 में अंग्रेजों ने शिमला से कैथलीघाट के बीच चलाया
-1971 के बाद 30 सालों तक वर्कशॉप में खड़ा रहा
-2001 में दोबारा बना कर तैयार किया गया
-41 टन है इंजन का वजन
-80 टन तक खींचने की क्षमता