रहें तैयार, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं एंबुलेंस कर्मी
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अगले कुछ दिन आपको एंबुलेंस से संबंधित परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मांगों की लगातार अनदेखी को देखते हुए प्रदेश 108, 102 कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
108, 102 कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेज कर इंसाफ देने की गुहार लगाई है। पत्र में 108 व 102 नेशनल एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस के कर्मचारियों पर हो रहे अत्याचारों और शोषण की शिकायत की गई है।
यूनियन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष पूर्ण चंद ने बताया कि पत्र के माध्यम से बताया गया है कि कंपनी जबरदस्ती 24 से 72 घंटे तथा कई जगह एक माह लगातार कार्य करवा रही है।
सरकार के कंपनी से एमओयू के अनुसार वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। अगर कोई कर्मचारी अपने ऊपर हो रहे अत्याचार व शोषण के विरोध में आवाज उठाता है तो कंपनी उसकी आवाज दबाने के लिए झूठे आरोप लगाकर नौकरी से निकाल देती है या दूरदराज इलाके में तबादला कर देती है।
सीएम ने दिया था भरोसा मगर नहीं पूरी हुई मांगें
कई कर्मचारियों के साथ तो कंपनी के अफसर गाली गलौच भी करते हैं। इसकी शिकायत करें तो नौकरी से निकाल दिया जाता है। कर्मचारियों ने अत्याचार और शोषण के बारे में कंपनी के अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भी शिकायत पत्र लिखा है।
पूर्ण चंद ने बताया कि पीएमओ कार्यालय से हिमाचल प्रदेश सरकार को जांच के लिए एक बार पत्र भी आया था लेकिन आज दिन तक क्या जांच हुई है यह नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि 9 मई 2016 को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के लिखित आदेशों पर जो समझौता हुआ था।
लेकिन आज दिन तक उस पर भी कुछ नहीं हुआ। यूनियन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, राज्यपाल आचार्य देवव्रत और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र भेजा है।