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फंस गई 106 पेयजल योजनाएं, जवाब नहीं दे पा रहे विधायक

Thu, 03 Nov 2016 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 03 Nov 2016 09:45 AM IST
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106 Water Scheme Postponded as Center Govt Not giving Budget.

केंद्र सरकार के बजट देने से इनकार के बाद हिमाचल की 106 पेयजल योजनाएं फंस गई हैं। भारत सरकार ने इन योजनाओं को बजट देने से इनकार किया है और हिमाचल सरकार अपने स्तर भी इनके लिए बजट का प्रबंध नहीं कर रही है।

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ऐसे में जिन क्षेत्रों में ये योजनाएं बनाई गई हैं, उनसे संबंधित विधायक परेशान हैं। वे लोगों को जवाब नहीं दे पा रहे हैं।  भारत सरकार के बजट देने से मना करने के बाद प्रदेश सरकार के सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की राज्यस्तरीय योजना स्वीकृति कमेटी ने सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि उन योजनाओं को कोई बजट नहीं मिलेगा, जिनके टेंडर हो चुके हैं और जिनका फिजिकल वर्क अभी शुरू किया जाना है।
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ऐसी योजनाओं को केंद्र ने तो रद्द करने के भी आदेश जारी किए हैं। वर्तमान में ऐसी योजनाओं की संख्या 106 है, जिनके टेंडर होने के बाद काम भी शुरू किया जा चुका है। कमेटी ने पहले उन्हीं योजनाओं का काम शुरू करने को कहा, जिनका काम अभी 75 से 100 या 50 से 75 फीसदी के बीच ही हुआ है। केंद्र ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों को लागू करने पर ही एनआरडीडब्ल्यूपी के तहत लंबित बजट जारी होगा।

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विधायकों ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

106 Water Scheme Postponded as Center Govt Not giving Budget.

जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र के विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव कृषि रोहित ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल के लोगों के साथ यह नाइंसाफी की है। पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए बजट नहीं देना गलत है। कहा कि ऐसी स्थिति में हिमाचल सरकार को अपने स्तर पर बजट का प्रबंध करने की जरूरत है। इससे काम नहीं रुकेगा।

केंद्र सरकार के निर्देश तो यहां तक हैं कि जिन योजनाओं में काम शुरू नहीं हुआ है, उन्हें खारिज किया जाए। 106 योजनाएं ही ऐसी हैं, जो शुरू हो चुकी हैं मगर शुरुआती स्टेज में ही हैं। इनके लिए बजट देरी से मिल सकता है, मगर इनका काम रुकेगा नहीं। पहले हमें उन योजनाओं का टारगेट पूरा करना है जिनका अधिकतम काम हो चुका है।- अनिल बाहरी, प्रमुख अभियंता, आईपीएच विभाग, हिमाचल प्रदेश।

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