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देव मिलन को देखने के लिए उमड़ा जनसैलाब, देवलुओं ने डाली नाटी
Tue, 02 Apr 2019 10:34 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोगिंद्रनगर (मंडी)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोगिंद्रनगर (मंडी)
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 02 Apr 2019 10:34 AM IST
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लघु शिवरात्रि के नाम से विख्यात जोगिंद्रनगर का पांच दिवसीय राज्य स्तरीय देव मेला सोमवार को डीसी मंडी ऋग्वेद की अध्यक्षता में शुरू हुआ। देवी-देवताओं के पदार्पण से जोगिंद्रनगर की धरती देवमयी हो गई। पूरा क्षेत्र पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों से गुंजायमान हो उठा। विशिष्ट शैली में सजे धजे रथों पर सवार होकर देवी-देवताओं का आगमन देखते ही बन रहा था। इन देवी देवताओं के दर्शनों के लिए सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एक वर्ष के अंतराल के बाद देव मिलन के अलौकिक दृष्यों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
चौहारघाटी के प्रमुख देवता देव हुरंग नारायण और देव पशाकोट की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद जोगिंद्रनगर देव मेले का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर देव हुरंग नारायण और पशाकोट देवता के साथ आए देवलुओं की नाटी ने जोगिंद्रनगर में समा बांध दिया। इसके अलावा अन्य देवी-देवताओं के साथ आए देवलुओं ने भी गीत-संगीत और नृत्य से समा बांधा।
....
ऐसे हुआ आयोजन
दोपहरबाद वातावरण जलेब के साथ ही वाद्ययंत्रों की मधुर स्वर लहरियों से चहकने लगा। देवलुओं के नृत्य और पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर वाद्यवृंदों की महारथ से मानों चौहारघाटी का समृद्ध आंचल जोगिंद्रनगर में उतर आया। ग्रामीण जनजीवन और पहाड़ी संस्कृति का प्रतीक जोगिंद्रनगर का लघु शिवरात्रि मेले में देवी-देवताओं की उपस्थिति श्रद्धालुओं को ही नहीं बल्कि मेलार्थियों को भी सुखद अनुभव की अनुभूति करवाती आ रही है।
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चौहारघाटी के प्रमुख देवता देव हुरंग नारायण और देव पशाकोट की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद जोगिंद्रनगर देव मेले का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर देव हुरंग नारायण और पशाकोट देवता के साथ आए देवलुओं की नाटी ने जोगिंद्रनगर में समा बांध दिया। इसके अलावा अन्य देवी-देवताओं के साथ आए देवलुओं ने भी गीत-संगीत और नृत्य से समा बांधा।
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ऐसे हुआ आयोजन
दोपहरबाद वातावरण जलेब के साथ ही वाद्ययंत्रों की मधुर स्वर लहरियों से चहकने लगा। देवलुओं के नृत्य और पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर वाद्यवृंदों की महारथ से मानों चौहारघाटी का समृद्ध आंचल जोगिंद्रनगर में उतर आया। ग्रामीण जनजीवन और पहाड़ी संस्कृति का प्रतीक जोगिंद्रनगर का लघु शिवरात्रि मेले में देवी-देवताओं की उपस्थिति श्रद्धालुओं को ही नहीं बल्कि मेलार्थियों को भी सुखद अनुभव की अनुभूति करवाती आ रही है।
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