{"_id":"5a4d17324f1c1b5c248b61f0","slug":"101515001650-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार बदली, अब सड़क के गड्ढे भी भरो सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार बदली, अब सड़क के गड्ढे भी भरो सरकार
Updated Wed, 03 Jan 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला शहर की संपर्क सड़कों को देखकर आप बता नहीं पाएंगे की गड्ढों में सड़क है या सड़क में गड्ढे हैं। अब सरकार बदल गई है। लोग मांग कर रहे हैं कि मैटलिंग नहीं करनी है तो कम से कम गड्ढे तो भर दो। गड्ढों में गाड़ी चलाना भी वाहन चालकों के लिए खतरे से खाली नही हैं। अगर गाड़ी में मरीज हो तो परेशानी और भी बढ़ जाती है। शहर के मुख्य रिहायशी क्षेत्र जाखू, यूएस क्लब, फाइवबैंच की सड़कों की खस्ता हालत हमेशा वाहनों की दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं। यूएस क्लब से टिटला होटल, पीसी चेंबर से ड्रीमलैंड, संजौली से टिटला होटल सड़क जगह-जगह पर गड्ढों में तबदील हो चुकी है। टिटला होटल से की मैन क्वार्टर की ओर जाने वाली सड़क की हालत भी दयनीय है। पूरी सड़क गड्ढों में तबदील हो चुकी है। स्थानीय लोगों के बार-बार सड़क मरम्मत की मांग के बावजूद नगर निगम प्रशासन इस क्षेत्र की सड़कों की अनदेखा कर रहा है। टारिंग तो दूर की बात है एमसी सड़क पर पड़े गड्ढों में पैच तक नहीं लगा रहा है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद प्रदेश में सरकार बदल गई है। मौजूदा समय में प्रदेश और नगर निगम शिमला में भाजपा की ही सरकार है। ऐसे में अब नगर निगम को इस क्षेत्र की सड़कों की हालत में सुधार कर सड़कों पर जल्द टारिंग करनी चाहिए।
पर्यटन स्थल के नाम से जाना जाता है जाखू मंदिर
राजधानी शिमला शहर की सबसे ऊंची पहाड़ी पर स्थित जाखू मंदिर पर्यटन स्थल से भी जाना जाता है। सवा आठ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित जाखू मंदिर में रोजाना हजारों की तादाद में श्रद्धालु और पर्यटक हनुमान जी के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। फाइवबेंच से जाखू मंदिर तक सड़क की खस्ता हालत के चलते श्रद्धालुओं और सैलानियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ढली टनल से भट्ठाकुफर सड़क पर नहीं टारिंग
सेब सीजन के दौरान अगस्त में ढली टनल के समीप भट्ठाकुफर सड़क किनारे से पहाड़ दरक गया था। पहाड़ दरकने से सड़क खराब हो गई थी। चार महीने बीत जाने के बावजूद लोक निर्माण विभाग की एनएच विंग आज तक सड़क की मरम्मत नहीं करवा पाई। हैरत की बात तो यह है कि जिस जगह पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी, एनएच विभाग का कार्यालय महज वहां से दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला। राजधानी शिमला शहर की संपर्क सड़कों को देखकर आप बता नहीं पाएंगे की गड्ढों में सड़क है या सड़क में गड्ढे हैं। अब सरकार बदल गई है। लोग मांग कर रहे हैं कि मैटलिंग नहीं करनी है तो कम से कम गड्ढे तो भर दो। गड्ढों में गाड़ी चलाना भी वाहन चालकों के लिए खतरे से खाली नही हैं। अगर गाड़ी में मरीज हो तो परेशानी और भी बढ़ जाती है। शहर के मुख्य रिहायशी क्षेत्र जाखू, यूएस क्लब, फाइवबैंच की सड़कों की खस्ता हालत हमेशा वाहनों की दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं। यूएस क्लब से टिटला होटल, पीसी चेंबर से ड्रीमलैंड, संजौली से टिटला होटल सड़क जगह-जगह पर गड्ढों में तबदील हो चुकी है। टिटला होटल से की मैन क्वार्टर की ओर जाने वाली सड़क की हालत भी दयनीय है। पूरी सड़क गड्ढों में तबदील हो चुकी है। स्थानीय लोगों के बार-बार सड़क मरम्मत की मांग के बावजूद नगर निगम प्रशासन इस क्षेत्र की सड़कों की अनदेखा कर रहा है। टारिंग तो दूर की बात है एमसी सड़क पर पड़े गड्ढों में पैच तक नहीं लगा रहा है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद प्रदेश में सरकार बदल गई है। मौजूदा समय में प्रदेश और नगर निगम शिमला में भाजपा की ही सरकार है। ऐसे में अब नगर निगम को इस क्षेत्र की सड़कों की हालत में सुधार कर सड़कों पर जल्द टारिंग करनी चाहिए।
पर्यटन स्थल के नाम से जाना जाता है जाखू मंदिर
राजधानी शिमला शहर की सबसे ऊंची पहाड़ी पर स्थित जाखू मंदिर पर्यटन स्थल से भी जाना जाता है। सवा आठ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित जाखू मंदिर में रोजाना हजारों की तादाद में श्रद्धालु और पर्यटक हनुमान जी के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। फाइवबेंच से जाखू मंदिर तक सड़क की खस्ता हालत के चलते श्रद्धालुओं और सैलानियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
ढली टनल से भट्ठाकुफर सड़क पर नहीं टारिंग
सेब सीजन के दौरान अगस्त में ढली टनल के समीप भट्ठाकुफर सड़क किनारे से पहाड़ दरक गया था। पहाड़ दरकने से सड़क खराब हो गई थी। चार महीने बीत जाने के बावजूद लोक निर्माण विभाग की एनएच विंग आज तक सड़क की मरम्मत नहीं करवा पाई। हैरत की बात तो यह है कि जिस जगह पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी, एनएच विभाग का कार्यालय महज वहां से दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित है।
विज्ञापन