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धर्मशाला: सड़क बनवाने के लिए युवाओं ने मुंडवा दिए सिर, आत्मदाह की चेतावनी
Mon, 16 Aug 2021 08:05 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क,धर्मशाला
अमर उजाला नेटवर्क,धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 16 Aug 2021 08:05 PM IST
सार
सड़क सुविधा न मिलने के कारण धारकंड़ी क्षेत्र की पंचायतों के लोगों ने जिलाधीश कार्यालय तक रैली निकालने के बाद 12 अगस्त से क्रमिक अनशन शुरू किया था। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन को सड़क बनाने की मंजूरी प्रदान करने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था, जोकि 15 अगस्त को समाप्त हो गया था
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सड़क के लिए युवाओं ने मुंडवाए सिर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की बरनेट-घेरा सड़क को वन विभाग से मंजूरी न मिलने से खफा आमरण अनशन पर बैठे युवाओं ने सोमवार को सिर मुंडवा दिए। क्षेत्र के 100 से अधिक युवाओं ने जिलाधीश कार्यालय परिसर में ही बाल उतरवाए। वहीं आमरण अनशन पर बैठे और सड़क बनाने की मांग कर रहे लोगों ने जिला प्रशासन को मंगलवार सायं पांच बजे तक मंजूरी की कापी नहीं मिलने पर आत्मदाह करने तक की चेतावनी दी है।
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सड़क सुविधा न मिलने के कारण धारकंड़ी क्षेत्र की पंचायतों के लोगों ने जिलाधीश कार्यालय में रैली निकालने के बाद 12 अगस्त से क्रमिक अनशन शुरू किया था। 12 जुलाई को भारी बारिश के कारण धारकंडी क्षेत्र की आधा दर्जन के अधिक पंचायतों के करीब 6 हजार से अधिक आबादी की जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली घेरा सड़क कैंट नाला के पास करीब 100 मीटर बह गई थी। सड़क के बहने से क्षेत्र के लोगों को सभी प्रकार की समस्याओं को सामना करना पड़ रहा था और लोगों को करीब 15 से 20 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ रहा था।
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पुन: निर्माण के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा कोई कदम न होने के चलते क्षेत्र के ग्रामीणों ने 24 दिन बाद 4 अगस्त को गांधी वाटिका धर्मशाला से उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकालकर प्रशासन को सात दिन को अल्टीमेटम दिया था। बनरेट से घेरा सड़क की वन विभाग की मंजूरी न मिलने के चलते इसका निर्माण नहीं हो पाया था। 6 अगस्त को एसडीएम धर्मशाला हरीश गज्जू की अध्यक्षता में वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र को दौरा किया था।
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वन विभाग से मंजूर हो गई सड़क: एसडीएम
वहीं इस संदभ में उपमंडलाधिकारी धर्मशाला डॉ. हरीश गज्जू ने कहा कि धारमंडी क्षेत्र को जाने वाले सड़क मार्ग की हालत खस्ता है। इसको दोबारा बनाने में कम से कम दो से तीन माह लगेंगे। इसके अलावा बनरेट-घेरा सड़क के निर्माण के लिए एक मामला एफसीए की मंजूरी के लिए गया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। मंगलवार तक इस मंजूरी की प्रति उन तक पहुंच जाएगी।
धारकंडी से आने सुविधाएं होगी: अर्जुन सिंह
रावा खड़ीबेही के प्रधान अर्जुन सिंह ने कहा कि अगर मंगलवार को प्रशासन ने बरनेट से घेरा सड़क की वन विभाग की मंजूरी की प्रति नहीं मिलती है तो ग्रामीण धारकंडी क्षेत्र में बने बिजली प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन बंद करवा देंगे। साथ ही वहां से धर्मशाला को होने वाली पानी की आपूर्ति को बंद कर देंगे।
सरकार के प्रति लोगों में रोष: रवि
धारकंडी क्षेत्र के युवा रवि कुमार ने कहा कि युवा किसी खुशी में मुंडन नही करवा रहे हैं। सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण आज सैकड़ों युवाओं को मुंडन करवाने पर मजबूर होना पड़ा है। सरकारें पिछले 17 सालों से बनरेट से घेरा तक डेढ़ किलोमीटर सड़क नहीं बना पाई है। सड़क की मांग के लिए क्षेत्र के लोगों को आंदोलन जारी रहेगा।
सड़क के लिए 198 युवाओं ने करवाया मुंडन: जोगिंद्र सिंह
धारकंडी के युवाओं के साथ अनशन पर बैठे भड़ियाड़ा वार्ड के जिला परिषद सदस्य जोगिंद्र सिंह पंकू ने कहा कि सड़क की मांग को लेकर आश्वासनों से तंग आकर धारकंडी क्षेत्र के करीब 198 युवाओं ने मुंडन करवाया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को शाम को अगर बरनेट-घेरा सड़क की वन विभाग की मंजरी की प्रति नहीं मिली तो युवा आत्मदाह करने से पीछे नहीं रहेंगे।