दस माह में एक दर्जन डॉक्टरों ने छोड़ दी नौकरी, इस मेडिकल कॉलेज में नहीं टिक रहे हैं डॉक्टर
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डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में सुविधाओं के अभाव के चलते दस महीने में ही करीब एक दर्जन डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी। जनवरी 2018 में शुरू हुए मेडिकल कॉलेज से नौकरी छोड़ने वालों में मनोचिकित्सक, सर्जन, फोरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हैं। सुविधाओं की कमी के अलावा व्यवस्था में खामियां भी इसका कारण बताया जा रहा है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों के नौकरी छोड़ने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पतालों के कई विभागों में डॉक्टरों की कमी हो गई है। कॉलेज के निरीक्षण के लिए एमसीआई टीम के संभावित दौरे के मद्देनजर सरकार ने अब टांडा से 13 चिकित्सक लाकर हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में तैनात कर दिए हैं। ऐसा एक बार पहले भी हो चुका है, जब टांडा से डॉक्टर बुलाए थे।
हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के शुरू में जो स्टाफ था, उनमें पिछले दस महीने के भीतर करीब एक दर्जन डॉक्टर छोड़कर चले गए हैं। सर्जरी विभाग से ही आठ डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर रेजिडेंट्स भी शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें कई चिकित्सक ड्यूटी रोस्टर और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली से नाखुश होकर गए हैं।
कुछ चिकित्सक पढ़ाई के कारण अस्पताल से गए हैं, कुछ ने नौकरी से रिजाइन किया है। नौकरी छोड़ कर गए चिकित्सकों के स्थान पर कुछ विभागों में नए डॉक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है। - डॉ. अनिल वर्मा, एमएस