हिमाचल को बरसात में 1200 करोड़ का नुकसान, अब तक 81 लोगों की मौत
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बरसात के दौरान भूस्खलन, बादल फटने और आकस्मिक बाढ़ से प्रारंभिक आकलन के अनुसार प्रदेश में लगभग 1200 करोड़ रुपये की क्षति हुई है।
उन्होंने मानसून सीजन के दौरान हिमाचल में बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए चार दिवसीय दौरे पर आई अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) के साथ चर्चा के दौरान यह बात कही।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से अभी तक कुल 81 लोगों की जान गई है। मुख्यमंत्री ने आईएमसीटी से प्रदेश को हुए नुकसान के संबंध में केंद्र के समक्ष राज्य का पक्ष मजबूती के साथ रखने का आग्रह किया, जिससे राज्य को राहत एवं पुन: निर्माण कार्यों के लिए समुचित सहायता प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण हिमाचल में बरसात के दौरान सरकारी एवं निजी संपत्ति को भारी नुकसान होता है। केंद्रीय टीम का नेतृत्व संयुक्त सचिव आपदा प्रबंधन, गृह मंत्रालय संजीव कुमार जिंदल कर रहे हैं।
टीम के अन्य सदस्यों में निदेशक व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय थैंगलेमलयन, निदेशक कृषि विभाग बिपुल कुमार श्रीवास्तव, जल संसाधन के निदेशक ओपी गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, सड़क परिवहन और उच्च मार्ग मंत्रालय विपनेश शर्मा, अवर सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय शैलेंद्र कुमार और सहायक निदेशक ऊर्जा मंत्रालय, सीईएए सेवा भवन नई दिल्ली विक्रम थोराट शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय दल की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश को नुकसान की भरपाई के लिए हिमाचल को वित्तीय मदद मिल पाएगी। यह टीम क्या रिपोर्ट देती है और केंद्र से कितनी वित्तीय मदद मिलेगी, यह बात में पता चलेगी। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा, निदेशक एवं विशेष सचिव राजस्व और आपदा प्रबंधन डीसी राणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।