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'युद्ध अभ्यास 2026' : भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने दिखाया एम777 होवित्जर तोप का दम
Sun, 20 Sep 2026 06:58 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sun, 20 Sep 2026 06:58 PM IST
सार
'युद्ध अभ्यास 2026' में भारत और अमेरिका के सैनिकों ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एम777 होवित्जर से लाइव फायरिंग की। अभ्यास में दोनों सेनाओं ने तोप संचालन और रणनीतिक तालमेल से जुड़े अनुभव साझा किए।
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एम777 होवित्जर तोप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित 'युद्ध अभ्यास 2026' के दौरान भारतीय और अमेरिकी सेना के जवानों ने एम777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोप से लाइव फायरिंग का जबरदस्त प्रदर्शन किया। इस महत्वपूर्ण युद्धाभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं ने अपने तोपखाने की मारक क्षमता और आपसी रणनीतिक तालमेल को प्रदर्शित किया। इस दौरान भारतीय गन क्रू ने एम777 तोप की सटीक फायरिंग क्षमता का प्रदर्शन किया, जबकि अमेरिकी सैन्य दल ने गन पोजीशन पर तैनात जवानों के साथ संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा किया। दोनों देशों के सैनिकों ने युद्ध मैदान में अपनाई जाने वाली श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान भी किया।
रणनीतिक तालमेल और सैन्य अभ्यास
भारत और अमेरिका के बीच यह संयुक्त सैन्य अभ्यास द्विपक्षीय श्रृंखला का 22वां संस्करण है। दो सप्ताह तक चलने वाला अभ्यास 15 सितंबर को शुरू हुआ था। इसका आयोजन उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एक साथ किया जा रहा है।
इस द्विपक्षीय युद्धाभ्यास में दोनों देशों की ओर से लगभग 600 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। इस सैन्य अभ्यास का मुख्य मकसद पहाड़ी और अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में एकीकृत युद्ध समूहों के उपयोग के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त क्षमता को अधिक मजबूत बनाना है। इसमें पैदल सेना की मुख्य भूमिका वाले सैन्य अभियानों पर विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है। इसका लक्ष्य रणनीतिक तालमेल को सुदृढ़ करना, अभियानों से जुड़ी सर्वोत्तम तकनीकों का आदान-प्रदान करना और साझा योजना बनाने तथा उसे धरातल पर क्रियान्वयन की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।
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तकनीक और संचालन पर संवाद
लाइव फायरिंग का यह प्रदर्शन महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एम777 तोप की तैनाती से संबंधित विशेष व्याख्यान और प्रदर्शन के बाद आयोजित किया गया। सत्र के दौरान तोपखाना प्रणाली के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। परिचर्चा में सैन्य दल की मुख्य जिम्मेदारियों, गन की सही तैनाती, स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए तालमेल, विरोधी की ओर से होने वाली जवाबी गोलाबारी के दौरान गन को तुरंत दूसरी पोजीशन पर ले जाने और गोला दागकर तुरंत स्थान बदलने की विशिष्ट ड्रिल शामिल थीं।
इस दौरान अमेरिकी सैन्य दल ने अल्ट्रा लाइट होवित्जर बैटरी के भारतीय जवानों के साथ गहन बातचीत की। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध के मैदान में उत्पन्न होने वाली विभिन्न स्थितियों के दौरान तोप संचालन के व्यावहारिक अनुभव को एक-दूसरे के साथ साझा करना था।
एम777 होवित्जर की मारक क्षमता
एम777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर अमेरिकी सेना के लिए निर्मित 155 मिलीमीटर और 39-कैलिबर वाली अत्यंत हल्की तोप है। अपनी विशेष डिजाइन और कम वजन के कारण इसे सैन्य विमानों तथा भारी हेलीकॉप्टरों के माध्यम से किसी भी कठिन क्षेत्र में आसानी से ले जाया जा सकता है। यह विशेषता दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में तोपखाना इकाइयों को अधिक गतिशीलता और लचीलापन प्रदान करती है।
-भारतीय सेना अपने 155 मिलीमीटर तोपखाने के बेड़े के मुख्य घटक के रूप में एम777 का उपयोग करती है। यह प्रणाली ऊंचे पर्वतीय इलाकों में भारत की सुरक्षा जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
-बिना सहायता वाले गोला-बारूद के साथ इसकी अधिकतम रेंज लगभग 24 किलोमीटर है, जो सहायता प्राप्त गोला-बारूद के साथ लगभग 30 किलोमीटर तक बढ़ जाती है।
-एम982 एक्सकैलिबर प्रिसिजन-गाइडेड गोला-बारूद से लैस होने पर एम777ए2 मॉडल 40 किलोमीटर की दूरी तक सटीक निशाना साध सकता है।
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रणनीतिक तालमेल और सैन्य अभ्यास
भारत और अमेरिका के बीच यह संयुक्त सैन्य अभ्यास द्विपक्षीय श्रृंखला का 22वां संस्करण है। दो सप्ताह तक चलने वाला अभ्यास 15 सितंबर को शुरू हुआ था। इसका आयोजन उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एक साथ किया जा रहा है।
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इस द्विपक्षीय युद्धाभ्यास में दोनों देशों की ओर से लगभग 600 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। इस सैन्य अभ्यास का मुख्य मकसद पहाड़ी और अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में एकीकृत युद्ध समूहों के उपयोग के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त क्षमता को अधिक मजबूत बनाना है। इसमें पैदल सेना की मुख्य भूमिका वाले सैन्य अभियानों पर विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है। इसका लक्ष्य रणनीतिक तालमेल को सुदृढ़ करना, अभियानों से जुड़ी सर्वोत्तम तकनीकों का आदान-प्रदान करना और साझा योजना बनाने तथा उसे धरातल पर क्रियान्वयन की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।
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तकनीक और संचालन पर संवाद
लाइव फायरिंग का यह प्रदर्शन महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एम777 तोप की तैनाती से संबंधित विशेष व्याख्यान और प्रदर्शन के बाद आयोजित किया गया। सत्र के दौरान तोपखाना प्रणाली के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। परिचर्चा में सैन्य दल की मुख्य जिम्मेदारियों, गन की सही तैनाती, स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए तालमेल, विरोधी की ओर से होने वाली जवाबी गोलाबारी के दौरान गन को तुरंत दूसरी पोजीशन पर ले जाने और गोला दागकर तुरंत स्थान बदलने की विशिष्ट ड्रिल शामिल थीं।
इस दौरान अमेरिकी सैन्य दल ने अल्ट्रा लाइट होवित्जर बैटरी के भारतीय जवानों के साथ गहन बातचीत की। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध के मैदान में उत्पन्न होने वाली विभिन्न स्थितियों के दौरान तोप संचालन के व्यावहारिक अनुभव को एक-दूसरे के साथ साझा करना था।
एम777 होवित्जर की मारक क्षमता
एम777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर अमेरिकी सेना के लिए निर्मित 155 मिलीमीटर और 39-कैलिबर वाली अत्यंत हल्की तोप है। अपनी विशेष डिजाइन और कम वजन के कारण इसे सैन्य विमानों तथा भारी हेलीकॉप्टरों के माध्यम से किसी भी कठिन क्षेत्र में आसानी से ले जाया जा सकता है। यह विशेषता दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में तोपखाना इकाइयों को अधिक गतिशीलता और लचीलापन प्रदान करती है।
-भारतीय सेना अपने 155 मिलीमीटर तोपखाने के बेड़े के मुख्य घटक के रूप में एम777 का उपयोग करती है। यह प्रणाली ऊंचे पर्वतीय इलाकों में भारत की सुरक्षा जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
-बिना सहायता वाले गोला-बारूद के साथ इसकी अधिकतम रेंज लगभग 24 किलोमीटर है, जो सहायता प्राप्त गोला-बारूद के साथ लगभग 30 किलोमीटर तक बढ़ जाती है।
-एम982 एक्सकैलिबर प्रिसिजन-गाइडेड गोला-बारूद से लैस होने पर एम777ए2 मॉडल 40 किलोमीटर की दूरी तक सटीक निशाना साध सकता है।