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सांवलिया सेठ को अनोखा चढ़ावा: कारोबारी ने भेंट किया 1.2 किलो चांदी का मॉडल, 40 किमी पैदल चलकर पहुंचे मंदिर
Sun, 20 Sep 2026 01:45 PM IST
चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:45 PM IST
सार
चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में निम्बाहेड़ा के कारोबारी धर्मराज बंजारा ने अनोखी भेंट अर्पित की। उन्होंने कारोबार में मिली सफलता और सांवलिया सेठ के प्रति आस्था के चलते करीब एक किलो 200 ग्राम शुद्ध चांदी से जेके सीमेंट प्लांट का मॉडल बनवाया।
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सांवलिया सेठ मंदिर में व्यापारी ने 200 ग्राम चांदी से निर्मित जेके सीमेंट प्लांट का मॉडल अर्पित किया
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध कृष्णधाम सांवलिया सेठ मंदिर में आस्था और समर्पण की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है। निम्बाहेड़ा के एक व्यापारी ने अपने कारोबार में मिली सफलता से खुश होकर भगवान के चरणों में करीब एक किलो 200 ग्राम चांदी से निर्मित जेके सीमेंट प्लांट का मॉडल अर्पित किया है। लगभग 2.40 लाख रुपये मूल्य की यह अनोखी भेंट देखते ही देखते मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गई।
सांवलिया सेठ की कृपा से व्यापार में हुआ लाभ
निम्बाहेड़ा निवासी धर्मराज बंजारा 'वेदांश इंटरप्राइजेज' का संचालन करते हैं और वर्ष 2017 से जेके सीमेंट प्लांट में ठेकेदारी का काम कर रहे हैं। धर्मराज बताते हैं कि उनके पिता भी जेके सीमेंट में नौकरी करते थे, इसलिए इस संस्थान और काम से उनका परिवार दशकों से जुड़ा हुआ है। वे मानते हैं कि व्यापार में मिली इस ऊंचाई के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत मेहनत नहीं, बल्कि सांवलिया सेठ की असीम कृपा है। बचपन से ही माता-पिता के साथ मंदिर आने वाले धर्मराज के लिए सांवलिया सेठ हमेशा से आराध्य देव रहे हैं। समय बीतने, जिम्मेदारियां बढ़ने और नया कारोबार शुरू होने के बावजूद उनकी यह निष्ठा कभी नहीं डगमगाई। आज भी जब भी किसी नए काम या बड़े व्यावसायिक फैसले की शुरुआत होती है, तो वे सबसे पहले सांवलिया जी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेते हैं।
मंदिर में श्रद्धालु अक्सर सोन-चांदी और कैश चढ़ाते हैं
अक्सर श्रद्धालु मंदिरों में सोना, चांदी, नकद राशि या पारंपरिक आभूषण चढ़ाते हैं। लेकिन धर्मराज ने अपनी मनोकामना पूरी होने पर अपने व्यवसाय और पहचान से जुड़ी भेंट अर्पित करने का संकल्प लिया था। काफी विचार-विमर्श के बाद उन्होंने जेके सीमेंट प्लांट की विस्तृत प्रतिकृति बनवाने का फैसला किया। इस मॉडल को तैयार करने में लगभग 1 किलो 200 ग्राम शुद्ध चांदी का उपयोग हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 40 हजार रुपये है।
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ये भी पढ़ें- कौन हैं बाड़मेर की रुचिका मालू?: जिन्होंने सीए बनने का सपना छोड़ा, अब आचार्य महाश्रमण से लेंगी दीक्षा; वीडियो
40 किलोमीटर की पैदल यात्रा और मंदिर में समर्पण
अपने संकल्प को पूरा करने के लिए धर्मराज बंजारा ने अपने परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के साथ निम्बाहेड़ा से मंदिर तक की पदयात्रा का आयोजन किया। पूरे रास्ते डीजे पर बजते भक्ति गीतों और सांवलिया सेठ के जयकारों के साथ श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे। प्रातःकाल दर्शन के बाद पूरे परिवार की मौजूदगी में चांदी से बना सीमेंट प्लांट का मॉडल भगवान सांवलिया सेठ के चरणों में भेंट किया गया। चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलिया सेठ मंदिर देश के उन चुनिंदा धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां व्यापारी भगवान को अपने व्यवसाय में हिस्सेदार मानते हैं।
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सांवलिया सेठ की कृपा से व्यापार में हुआ लाभ
निम्बाहेड़ा निवासी धर्मराज बंजारा 'वेदांश इंटरप्राइजेज' का संचालन करते हैं और वर्ष 2017 से जेके सीमेंट प्लांट में ठेकेदारी का काम कर रहे हैं। धर्मराज बताते हैं कि उनके पिता भी जेके सीमेंट में नौकरी करते थे, इसलिए इस संस्थान और काम से उनका परिवार दशकों से जुड़ा हुआ है। वे मानते हैं कि व्यापार में मिली इस ऊंचाई के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत मेहनत नहीं, बल्कि सांवलिया सेठ की असीम कृपा है। बचपन से ही माता-पिता के साथ मंदिर आने वाले धर्मराज के लिए सांवलिया सेठ हमेशा से आराध्य देव रहे हैं। समय बीतने, जिम्मेदारियां बढ़ने और नया कारोबार शुरू होने के बावजूद उनकी यह निष्ठा कभी नहीं डगमगाई। आज भी जब भी किसी नए काम या बड़े व्यावसायिक फैसले की शुरुआत होती है, तो वे सबसे पहले सांवलिया जी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेते हैं।
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मंदिर में श्रद्धालु अक्सर सोन-चांदी और कैश चढ़ाते हैं
अक्सर श्रद्धालु मंदिरों में सोना, चांदी, नकद राशि या पारंपरिक आभूषण चढ़ाते हैं। लेकिन धर्मराज ने अपनी मनोकामना पूरी होने पर अपने व्यवसाय और पहचान से जुड़ी भेंट अर्पित करने का संकल्प लिया था। काफी विचार-विमर्श के बाद उन्होंने जेके सीमेंट प्लांट की विस्तृत प्रतिकृति बनवाने का फैसला किया। इस मॉडल को तैयार करने में लगभग 1 किलो 200 ग्राम शुद्ध चांदी का उपयोग हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 40 हजार रुपये है।
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40 किलोमीटर की पैदल यात्रा और मंदिर में समर्पण
अपने संकल्प को पूरा करने के लिए धर्मराज बंजारा ने अपने परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों के साथ निम्बाहेड़ा से मंदिर तक की पदयात्रा का आयोजन किया। पूरे रास्ते डीजे पर बजते भक्ति गीतों और सांवलिया सेठ के जयकारों के साथ श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे। प्रातःकाल दर्शन के बाद पूरे परिवार की मौजूदगी में चांदी से बना सीमेंट प्लांट का मॉडल भगवान सांवलिया सेठ के चरणों में भेंट किया गया। चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलिया सेठ मंदिर देश के उन चुनिंदा धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां व्यापारी भगवान को अपने व्यवसाय में हिस्सेदार मानते हैं।