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Udaipur News : 21 दिसंबर से होगा शिल्पग्राम उत्सव का आगाज, 20 राज्यों के 800 कलाकार करेंगे शिरकत
Wed, 11 Dec 2024 10:28 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Wed, 11 Dec 2024 10:28 PM IST
सार
उदयपुर के विश्व प्रसिद्ध शिल्पग्राम उत्सव का आगाज 21 दिसंबर से होगा। 10 दिवसीय यह आयोजन 31 दिसंबर तक उदयपुर के हवाला स्थित शिल्पग्राम में चलेगा। आयोजन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस बार उत्सव में 20 राज्यों के करीब 800 लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
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शिल्पग्राम उत्सव 21 दिसंबर से
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्सव का उद्घाटन राजस्थान के राज्यपाल और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के अध्यक्ष हरिभाऊ किसनराव बागड़े ढोल-नगाड़ा बजाकर करेंगे। इस अवसर पर उदयपुर के सांसद मन्नालाल रावत, चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया और विधायक ताराचंद तथा फूलसिंह मीणा भी मौजूद रहेंगे।
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इस साल उत्सव की थीम "लोक के रंग लोक के संग" रखी गई है। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि शिल्पग्राम उत्सव लोक कलाओं और सांस्कृतिक धरोहर को करीब से देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करता है।
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उत्सव में 20 राज्यों के करीब 65 कला दल दिनभर विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इनमें कच्छी घोड़ी, मांगणियार गायन, कालबेलिया नृत्य, मशक वादन, गवरी, चकरी, अल्गोजा वादन जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। साथ ही शिल्पग्राम में देशभर के जनजातीय मुखौटों और गवरी के चरित्रों को दर्शाते हुए पुतलों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
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शिल्पग्राम में पत्थर से तराशी गई 12 राशियों की विशेष मूर्तियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके साथ ही समारोह स्थल के मुख्य द्वार को गुजरात की पारंपरिक पिथौरा चित्रकारी से सजाया गया है। उत्सव के दौरान संगम हॉल में केंद्र द्वारा आयोजित विभिन्न शिविरों में तैयार किए गए चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही लोक कलाकारों और बहुरूपियों का प्रदर्शन दर्शकों को लोक संस्कृति से जोड़ने का अवसर देगा।
शिल्पग्राम उत्सव अपने आप में देश का अनूठा आयोजन है, जहां लोककला और संस्कृति को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इस उत्सव के जरिए भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धि का अनुभव किया जा सकता है।