उदयपुर के गोगुंदा में आबकारी विभाग की कार्रवाई: 20 ड्रमों से 3,600 लीटर अवैध स्पिरिट जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार
गोगुंदा में आबकारी विभाग ने दो स्थानों पर कार्रवाई कर 20 ड्रमों से 3,600 लीटर अवैध स्पिरिट जब्त की। करीब 4 लाख रुपये कीमत की स्पिरिट से अवैध शराब बनाई जानी थी। एक आरोपी गिरफ्तार हुआ, जबकि दूसरा फरार है।
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उदयपुर निकाय चुनाव की आदर्श आचार संहिता के बीच आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गोगुंदा क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। टीम ने 20 ड्रमों में भरी कुल 3,600 लीटर अवैध स्पिरिट जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई गई है। कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार हो गया।
आबकारी विभाग के अनुसार, निकाय चुनाव के दौरान अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में लगातार नाकाबंदी, गश्त और दबिश की कार्रवाई की जा रही है।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 26 अगस्त को गोगुंदा तहसील में नेशनल हाईवे-27 स्थित खोखरिया की नाल के पास बालाजी रेस्टोरेंट पर आबकारी टीम ने दबिश दी। आबकारी अधिकारी उदयपुर विकास बीठू के नेतृत्व में प्रहराधिकारी उदयपुर दौलत सिंह, प्रहराधिकारी गोगुंदा कैलाशचंद्र सहित टीम ने कार्रवाई करते हुए 10 ड्रमों से कुल 1,700 लीटर अवैध स्पिरिट बरामद की। इनमें आठ ड्रमों में 1,600 लीटर और दो ड्रमों में 100 लीटर स्पिरिट भरी हुई थी। कार्रवाई के दौरान सांचौर निवासी प्रकाश मेघवाल को गिरफ्तार किया गया। उससे प्रारंभिक पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर आबकारी टीम ने दूसरी कार्रवाई को अंजाम दिया।
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उपायुक्त आबकारी निरोधक दल जोन उदयपुर प्रद्युम्न सिंह चूंडावत के सुपरविजन में टीम ने गोगुंदा के उखलियाद गांव में रमेश गरासिया के मकान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान वहां से 10 ड्रमों में कुल 1,900 लीटर अवैध स्पिरिट बरामद की गई। इनमें नौ ड्रमों में 1,800 लीटर और एक ड्रम में 100 लीटर स्पिरिट भरी हुई थी। हालांकि, कार्रवाई के दौरान आरोपी रमेश गरासिया मौके से फरार हो गया।
दोनों स्थानों से कुल 20 ड्रमों में भरी 3,600 लीटर अवैध स्पिरिट जब्त की गई है। आबकारी विभाग के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में स्पिरिट का इस्तेमाल अवैध शराब तैयार करने में किया जाना था। विभाग अब फरार आरोपी की तलाश के साथ यह पता लगाने में जुटा है कि स्पिरिट कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय था।