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गजब है भाई: बगैर स्वीकृति बनाई जा रही देशी चॉकलेट का कारोबार पकड़ा, न मैन्युफैक्चरिंग डेट और न एक्सपायरी का पता
Fri, 14 Jun 2024 09:45 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 14 Jun 2024 09:45 PM IST
सार
बगैर स्वीकृति के देशी चॉकलेट बनाई जा रही थी। इस चॉकलेट पर न मैन्युफैक्चरिंग डेट और न एक्सपायरी लिखी गई है। फिलहाल, खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है।
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खाद्य विभाग की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उदयपुर में खोपरा, सेक्रीन और लाल-पीले रंगों से बनाई गई रंग-बिरंगी देशी चॉकलेट का जखीरा खाद्य विभाग ने पकड़ा है। कमजोर तबके के बच्चों को लुभाने वाली इन देशी चॉकलेट के जार व कर्टन्स पर न मैनुफैक्चरिंग डेट प्रिंट है और न ही एक्सपायरी डेट।
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उदयपुर जिला खाद्य निरीक्षक अशोक गुप्ता की टीम ने सेक्टर-14 स्थित श्रीनाथ स्वीट्स पर शुक्रवार को छापा मारा। इस फर्म के पास चॉकलेट या अन्य खाद्य वस्तु बनाने का लाइसेंस नहीं है। खाद्य विभाग या नगर निगम की स्वीकृति नहीं है। अवैध रूप से चल रही इस फैक्टरी में 4,200 किलो रंग-बिरंगी खोपरा निर्मित चॉकलेट्स मिली।
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इनमें 196 किलो माल 13 कर्टन्स में पैक था। यह माल शहर से बाहर भेजा जाना था। प्लॉस्टिक के जरों में 53 किलो माल पाया गया। बाकी चॉकलेट कट्टों में भरी थी। फ़ूड इंस्पेक्टर ने सभी कर्टन्स, जारों और बैग्स में भरे माल के सेम्पल लेकर जांच कराने प्रयोगशाला भेजे गए।
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