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उदयपुर: दो करोड़ की रिश्वत मामले में नया मोड़, एसओजी के एएसपी और दलाल ने आवाज का नमूना देने से किया इनकार
Tue, 13 Oct 2026 08:17 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Tue, 13 Oct 2026 08:17 PM IST
सार
उदयपुर में दो करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में गिरफ्तार एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सोनी और दलाल सज्जन सिंह ने अदालत में आवाज का नमूना देने से इन्कार कर दिया। एसीबी की टीम दोनों की आवाज का मिलान रिश्वत की सौदेबाजी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग से कराना चाहती थी।
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उदयपुर में दो करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में गिरफ्तार विशेष अभियान समूह एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सोनी और दलाल सज्जन सिंह ने अदालत के समक्ष अपनी आवाज का नमूना देने से साफ इनकार कर दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी की टीम ने दोनों आरोपियों को बुधवार को उदयपुर की एनआई एक्ट अदालत संख्या चार में पेश किया था। अदालत में आरोपियों की आवाज के नमूने लेने के लिए फॉरेंसिक टीम भी विशेष रूप से मौजूद थी, लेकिन दोनों ने नमूना देने से मना कर दिया।
एसीबी के पास रिश्वत की सौदेबाजी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। इस रिकॉर्डिंग में दर्ज आवाज का मिलान दोनों आरोपियों की आवाज से कराया जाना था, ताकि कानूनी रूप से अदालत में यह साबित हो सके कि रिकॉर्डिंग में उनकी ही आवाज है। इस मामले में परिवादी निरंजन मोगरा का आवाज का नमूना पहले ही लिया जा चुका है।
अदालत में नमूना देने से इन्कार
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौजूद रहे। हालांकि, एएसपी और दलाल दोनों ने ही आवाज का नमूना देने से मना कर दिया।
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दूसरी तरफ, इस रिश्वत कांड के उजागर होने के बाद से एसओजी कार्यालय का रीडर जसवंत सिंह राव पिछले 18 दिन से लगातार फरार चल रहा है। उदयपुर पुलिस और एसीबी की टीमें आरोपी रीडर को पकड़ने में अब तक नाकाम रही हैं। जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने जसवंत सिंह राव के घर समेत अन्य संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी है, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रीडर की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कई अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की पूरी संभावना है।
अठारह दिन से फरार चल रहा रीडर
मामले के अनुसार एसीबी ने 27 अक्तूबर 2026 को दलाल सज्जन सिंह को एएसपी मुकेश कुमार सोनी के लिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया था। इसके बाद एसीबी की टीम ने एएसपी सोनी को बालोतरा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। यह रिश्वत उदयपुर के चर्चित 272 प्लॉट घोटाले के मामले में एफआर लगाने और जब्त किया गया सामान छोड़ने के बदले में मांगी गई थी। इस रिश्वत की पूरी डील फतेहसागर झील के किनारे स्थित रानी रोड पर हुई थी।
ये भी पढ़ें- राजस्थान: बॉर्डर पर ड्रोन से गिराई हथियार व आरडीएक्स की खेप, कारतूस बरामद; पंजाब के दो युवक पकड़े गए
रानी रोड पर हुई थी डील
रिश्वत का सौदा तय करने के लिए दलाल सज्जन सिंह परिवादी निरंजन मोगरा को अपनी कार में बैठाकर रानी रोड पर ले गया था। वहां एएसपी मुकेश सोनी अपने एक मित्र की निजी कार में पहुंचे थे। परिवादी ने आरोप लगाया था कि एएसपी सोनी ने बातचीत के दौरान अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन पर दो करोड़ लिखकर रिश्वत की मांग की थी। फिलहाल पुलिस और एसीबी की टीम फरार रीडर की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
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एसीबी के पास रिश्वत की सौदेबाजी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। इस रिकॉर्डिंग में दर्ज आवाज का मिलान दोनों आरोपियों की आवाज से कराया जाना था, ताकि कानूनी रूप से अदालत में यह साबित हो सके कि रिकॉर्डिंग में उनकी ही आवाज है। इस मामले में परिवादी निरंजन मोगरा का आवाज का नमूना पहले ही लिया जा चुका है।
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अदालत में नमूना देने से इन्कार
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौजूद रहे। हालांकि, एएसपी और दलाल दोनों ने ही आवाज का नमूना देने से मना कर दिया।
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दूसरी तरफ, इस रिश्वत कांड के उजागर होने के बाद से एसओजी कार्यालय का रीडर जसवंत सिंह राव पिछले 18 दिन से लगातार फरार चल रहा है। उदयपुर पुलिस और एसीबी की टीमें आरोपी रीडर को पकड़ने में अब तक नाकाम रही हैं। जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने जसवंत सिंह राव के घर समेत अन्य संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी है, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रीडर की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कई अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की पूरी संभावना है।
अठारह दिन से फरार चल रहा रीडर
मामले के अनुसार एसीबी ने 27 अक्तूबर 2026 को दलाल सज्जन सिंह को एएसपी मुकेश कुमार सोनी के लिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया था। इसके बाद एसीबी की टीम ने एएसपी सोनी को बालोतरा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। यह रिश्वत उदयपुर के चर्चित 272 प्लॉट घोटाले के मामले में एफआर लगाने और जब्त किया गया सामान छोड़ने के बदले में मांगी गई थी। इस रिश्वत की पूरी डील फतेहसागर झील के किनारे स्थित रानी रोड पर हुई थी।
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रानी रोड पर हुई थी डील
रिश्वत का सौदा तय करने के लिए दलाल सज्जन सिंह परिवादी निरंजन मोगरा को अपनी कार में बैठाकर रानी रोड पर ले गया था। वहां एएसपी मुकेश सोनी अपने एक मित्र की निजी कार में पहुंचे थे। परिवादी ने आरोप लगाया था कि एएसपी सोनी ने बातचीत के दौरान अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन पर दो करोड़ लिखकर रिश्वत की मांग की थी। फिलहाल पुलिस और एसीबी की टीम फरार रीडर की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।