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राजस्थान: सीकर में सरकारी नौकरी का झांसा देकर 8 लाख रुपये ठगे, मामला दर्ज
Sun, 20 Sep 2026 05:58 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sun, 20 Sep 2026 05:58 PM IST
सार
सीकर के जीणमाता थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवक से आठ लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के जीणमाता थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर एक युवक से आठ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पीड़ित को पहले पुलिस और बाद में बिजली विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित ने थाने में दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में नौकरी का दिया झांसा
पुलिस को दी शिकायत में राजेंद्र प्रसाद महला ने बताया कि उनके परिचित सुरेश कुमार ने पुलिस विभाग में अपनी ऊंची पहुंच का दावा किया था। उसने तीन लाख रुपये के बदले राजस्थान पुलिस में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। राजेंद्र ने झांसे में आकर सुरेश को 2.67 लाख रुपये दे दिए। कुछ दिनों बाद सुरेश ने संपर्क वाले व्यक्ति के सेवानिवृत्त होने का बहाना बनाया और नौकरी दिलाने में असमर्थता जताई। उसने दो लाख रुपये तो वापस लौटा दिए, लेकिन शेष 67 हजार रुपये बाद में देने का वादा किया।
छह महीने बाद फिर दिया नौकरी का झांसा
लगभग छह महीने बाद जब राजेंद्र ने अपने बकाया रुपये मांगे तो सुरेश ने नया झांसा दिया। उसने दावा किया कि उसका भांजा जितेंद्र कुमार गोदारा बिजली विभाग में अधिकारी है और कई लोगों को नौकरी दिलवा चुका है। इसके बाद आरोपी ने राजेंद्र का बिजली विभाग में भर्ती फॉर्म भरवाया। परीक्षा देने के बाद आरोपियों ने राजेंद्र से कुल आठ लाख रुपये ऐंठ लिए।
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भर्ती परिणाम आया तो खुली ठगी की पोल
जब भर्ती का परिणाम घोषित हुआ तो उसमें राजेंद्र का चयन नहीं हुआ। पीड़ित ने जब अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी पहले टालमटोल करते रहे और बाद में पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने सुरेश कुमार और जितेंद्र कुमार गोदारा के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पुलिस में नौकरी का दिया झांसा
पुलिस को दी शिकायत में राजेंद्र प्रसाद महला ने बताया कि उनके परिचित सुरेश कुमार ने पुलिस विभाग में अपनी ऊंची पहुंच का दावा किया था। उसने तीन लाख रुपये के बदले राजस्थान पुलिस में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। राजेंद्र ने झांसे में आकर सुरेश को 2.67 लाख रुपये दे दिए। कुछ दिनों बाद सुरेश ने संपर्क वाले व्यक्ति के सेवानिवृत्त होने का बहाना बनाया और नौकरी दिलाने में असमर्थता जताई। उसने दो लाख रुपये तो वापस लौटा दिए, लेकिन शेष 67 हजार रुपये बाद में देने का वादा किया।
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छह महीने बाद फिर दिया नौकरी का झांसा
लगभग छह महीने बाद जब राजेंद्र ने अपने बकाया रुपये मांगे तो सुरेश ने नया झांसा दिया। उसने दावा किया कि उसका भांजा जितेंद्र कुमार गोदारा बिजली विभाग में अधिकारी है और कई लोगों को नौकरी दिलवा चुका है। इसके बाद आरोपी ने राजेंद्र का बिजली विभाग में भर्ती फॉर्म भरवाया। परीक्षा देने के बाद आरोपियों ने राजेंद्र से कुल आठ लाख रुपये ऐंठ लिए।
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भर्ती परिणाम आया तो खुली ठगी की पोल
जब भर्ती का परिणाम घोषित हुआ तो उसमें राजेंद्र का चयन नहीं हुआ। पीड़ित ने जब अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी पहले टालमटोल करते रहे और बाद में पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने सुरेश कुमार और जितेंद्र कुमार गोदारा के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।